Tuesday, February 27, 2024

SHORT ANSWERTYPE QUESTION LESSON HUMAN DEVELOPMENT CLASS 12TH GEOGRAPHY

 

अध्याय -  मानव विकास

कक्षा 12वीं (मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)

प्रश्न : मानव विकास की अवधारणा का प्रतिपादन किसने और कब किया ?

उत्तर : डॉ० महबूब उल हक के द्वारा1990 ई० में  किया गया था | ये एक पाकिस्तानी अर्थशास्त्री थे | 

प्रश्न : सबसे मानव विकास प्रतिवेदन (मानव विकास रिपोर्ट) किस विद्वान ने  प्रस्तुत कि थी ?

उत्तर : डॉ० महबूब उल हक  ने 1990 में मानव विकास प्रतिवेदन (मानव विकास रिपोर्ट) प्रस्तुत की थी  |

प्रश्न :  मानव विकास रिपोर्ट प्रतिवर्ष कौन सी संस्था प्रकाशित करवाती है ?

उत्तर : संयुक्त राष्ट्र मानव विकास कार्यक्रम (UNDP)

प्रश्न : सबसे पहले मानव विकास सूचकांक किसने निर्मित किया था ?

उत्तर: डॉ ० महबूब उल-हक 

प्रश्न :  निम्नलिखित में से कौन सा विकास का सर्वोतम वर्णन करता है ?

(क) आकार में वृद्धि 

(ख) गुण में धनात्मक परिवर्तन

(ग) आकार में स्थिरता  

(घ )गुण में साधारण  परिवर्तन

उत्तर :  गुण में धनात्मक परिवर्तन  

प्रश्न :  HDI  का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : मानव विकास सूचकांक (HUMAN DEVELOPMENT INDEX )

प्रश्न  : UNDP का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNITED NATION DEVELOPMENT PROGRAMME )

प्रश्न  : GNH का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता (GROSS NATIONAL HAPPINESS)

प्रश्न  : मानव विकास या मानव प्रगति से  संबंधित सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता (GNH) को किस देश ने अधिकारिक माप घोषित कर रखा है ?

उत्तर : भूटान

प्रश्न  : HPI का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : मानव गरीबी सूचकांक (HUMAN POWERTY INDEX )

प्रश्न  : HDR  का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : मानव विकास रिपोर्ट (HUMAN DEVELOPMENT REPORT )

 प्रश्न  : मानव विकास रिपोर्ट कौन जारी करता है ?

उत्तर : संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNITED NATION DEVELOPMENT PROGRAMME )

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट (HUMAN DEVELOPMENT REPORT )सबसे पहले कब जारी की गयी ?

उत्तर :1990 ई०

प्रश्न  : दो दक्षिणी एशियाई विद्वानों के नाम बताओ जिसने मानव विकास की अवधारणा का विकास किया ?

उत्तर :  प्रो०  अमर्त्य सेन  और  डॉ ० महबूब उल-हक

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2018 के अनुसार सबसे विकसित देश कौन सा है ?

उत्तर : नार्वे

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2018 के अनुसार 189 देशों की सूची में भारत का स्थान कौन सा है |

उत्तर :130 वां

प्रश्न :   मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार भारत का मानव विकास सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.645

प्रश्न : किन देशों का स्थान मानव विकास रिपोर्ट 2017 के अनुसार भारत से  ऊँचा है ?

उत्तर :  श्रीलंकाट्रिनिडाड और टोबैगो

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020  के अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.800 से अधिक

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार उच्च मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.700 से 0.799 के बीच  

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार मध्यम  मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.550 से 0. 699 के बीच

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार निम्न मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.549 से कम

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी  है ?

उत्तर : 66

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी  है ?

उत्तर : 53

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी  है ?

उत्तर : 37

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी  है ?

उत्तर : 33

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2006 के अनुसार भारत का स्थान कौन सा था |

उत्तर :126 वां

प्रश्न  : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार 189 देशों की सूची में भारत का स्थान कौन सा था  ?

उत्तर :131 वां

प्रश्न  : मानव विकास की अवधारणा के अनुसार मानव विकास के तीन  केंद्र बिन्दु  कौनसे है ?

या

प्रश्न  : मानव विकास के सर्वाधिक महत्वपूर्ण  पक्ष कौन से  है ?

उत्तर :    (1) स्वास्थ्य (दीर्घ व स्वस्थ जीवन जीना) ,  

(2) शिक्षा (ज्ञान प्राप्त कर पाना) 

(3) संसाधनों तक पहुँच   (एक शिष्ट जीवन जीने के लिए पर्याप्त संसाधनों का होना)

प्रश्न  : मानव विकास के उपागम के नाम बताओ |

उत्तर : मानव विकास के उपागम के चार उपागम है |

i)        आय उपागम 

ii)      कल्याण उपागम 

iii)    आधारभूत आवश्यकता उपागम 

iv)    क्षमता उपागम  

प्रश्न  : मानव विकास की संकल्पनाएँ कौनसी है ?  या  मानव विकास के चार स्तंभ कौनसे है ?

उत्तर : मानव विकास की चार संकल्पनाएँ निम्न लिखित है |

i)        समता

ii)      सतत पोषणीयता 

iii)    उत्पादकता

iv)    सशक्तिकरण

प्रश्न: मानव विकास के किस उपागम में विकास को आय से साथ जोड़कर देखा जाता है ?

उत्तर : आय उपागम

प्रश्न: मानव विकास का कौन सा उपागम  विकास का सबसे पुराना उपागम है ?

उत्तर : आय उपागम

प्रश्न: मानव विकास के किस उपागम में मानव को लाभार्थी अथवा सभी विकासात्मक गतिविधियों के केन्द्र के रूप में देखा गया है ?

उत्तर : कल्याण उपागम

प्रश्न: मानव विकास का कौन सा उपागम  शिक्षास्वास्थ्यसामाजिक सुरक्षा और सुख साधनों पर उच्चतर सरकारी व्यय का तर्क देता है ?

उत्तर : कल्याण उपागम

प्रश्न: मानव विकास का कौन सा उपागम लोग विकास में प्रतिभागी नहीं है किन्तु वे केवल निष्क्रिय प्राप्तकर्ता मानता है ?

उत्तर : कल्याण उपागम

प्रश्न: मानव विकास का कौन सा उपागम  अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा प्रस्तावित किया गया है ?

उत्तर : आधारभूत आवश्यकता उपागम 

प्रश्न: आधारभूत आवश्यकता उपागम  के अंतर्गत किन छः न्यूनतम आवश्यकताओं की पहचान की गई है जिन्हें सरकार द्वारा सभी को प्रदान करना अनिवार्य समझा गया है ?

उत्तर :आधारभूत आवश्यकता उपागम के अंतर्गत निम्नलिखित छ:न्यूनतम आवश्यकताओं की पहचान की गई जिन्हें सरकार द्वारा सभी को प्रदान करना अनिवार्य माना गया है | स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, जलापूर्ति, स्वच्छता और आवास |

प्रश्न : डॉ०  अमर्त्य सेन का संबंध मानव विकास किस उपागम से है ?

उत्तर : क्षमता उपागम

प्रश्न: आय उपागम  पर नोट लिखो ?

उत्तर : यह मानव विकास के सबसे पुराने उपगमों मे से एक है | इसमें मानव विकास को आय के साथ जोड़कर देखा जाता है | इस उपागम में यह माना जाता है की किसी व्यक्ति की आय का स्तर उसके द्वारा भोगी जा रही स्वतन्त्रता के स्तर को परिलक्षित करता है | आय का स्तर ऊँचा होने पर मानव विकास का स्तर ऊँचा होगा और आय का स्तर निम्न होने पर मानव विकास का स्तर भी नीचा होगा |

प्रश्न :कल्याण उपागम पर नोट लिखो ?

उत्तर : यह उपागम मानव को लाभार्थी अथवा सभी विकासात्मक गतिविधियों के लक्ष्य (केंद्र) के रूप में देखता है | यह उपागम शिक्षास्वास्थ्यसामाजिक सुरक्षा और सुख साधनों पर उच्चतर सरकारी व्यय का तर्क देता है | इस उपागम के अनुसार  लोग विकास में प्रतिभागी नहीं है किन्तु वे केवल निष्क्रिय प्राप्तकर्ता है | यह उपागम मानता है की सरकार लोगो के कल्याण पर अधिकतम व्यय करके मानव विकास के स्तरों में वृद्धि करने के लिए जिम्मेदार है

प्रश्न:  आधारभूत आवश्यकता उपागम  पर नोट लिखो ?

उत्तर: इस उपागम को मूल रूप से अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने प्रस्तावित किया था | इसमें छ: न्यूनतम आवश्यकताओं जैसे स्वास्थ्यशिक्षाभोजनजलापूर्तिस्वच्छ्ता और आवास की पहचान की गई थी | इसमें मानव विकल्पों के प्रश्न की उपेक्षा की गई है और परिभाषित वर्गों की मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था पर ज़ोर दिया गया है |

प्रश्न: क्षमता उपागम पर नोट लिखो ?

उत्तर : इस उपागम का संबंध डॉ०  अमर्त्य सेन से है | इस उपागम के अनुसार संसाधनों के पहुँच के क्षेत्रों में मानव क्षमताओं का निर्माण बढ़ते मानव विकास की कुंजी है | दूसरे शब्दों में हम कह सकते है की क्षमताओं को विकसित किए बिना मनुष्य संसाधनों तक नहीं पहुँच सकता | मानव क्षमताओं का निर्माण ही मानव विकास का आधार है |

प्रश्न : सार्थक जीवन से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : मानव विकास की अवधारणा के अनुसार सार्थक जीवन केवल दीर्घ (लंबा जीवन) नहीं होता | सार्थक जीवन का अर्थ है लोग स्वस्थ होंवे अपनी बुद्धि का विकास कर सकते हों | वे सामाज में प्रतिभागिता करें और अपने उद्देश्यों को पूरा करने में  स्वतंत्र हो |

 

प्रश्न : मानव विकास की संकल्पना ‘ समता’ पर संक्षिप्त नोट लिखें

उत्तर : समता से आशय ऐसी व्यवस्था करने से है जिससे प्रत्येक व्यक्ति की उपलब्ध संसाधनों तक पहुँच हो सके | लोगों को उपलब्ध अवसर या संसाधन लिंगप्रजातिधर्मआय और भारत के संदर्भ में जाति के भेदभाव के विचार के बिना समान रूप से प्राप्त होने चाहिए | यद्यपि ऐसा ज़्यादातर नहीं होता फिर भी यह प्रत्येक समाज में घटित होता है | अर्थात समाज में कभी कभी जातिगत भेदभाव की घटनाएँ होती रहती है |

 उदाहरण के लिए भारत में स्त्रियाँ और सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े हुए वर्गों के व्यक्ति बड़ी संख्या में विद्यालय नहीं जा पाते |इससे पता चलता है की शिक्षा तक समान पहुँच ना होना इन वर्गों के लोगों के विकल्पों को सीमित करता है |

प्रश्न :  मानव विकास की संकल्पना ‘सतत पोषणीयता’ पर संक्षिप्त नोट लिखें |

उत्तर :  सतत पोषणीयता या निर्वहन का अर्थ है अवसरों की उपलब्धता में निरंतरता | अर्थात अवसर लगातार उपलब्ध होते रहने चाहिए | सतत पोषणीय मानव विकास के लिए आवश्यक है की प्रत्येक पीढ़ी को समान अवसर मिले | इसलिए हमें अपने पर्यावरणीयवित्तीय तथा मानव संसाधनों का उपयोग इस प्रकार करना चाहिए की हमारी आने वाली पीढ़ियाँ इससे वंचित न रह जाएँ |

उदाहरण के लिए यदि हम प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग सही ढंग से ना करके उनको बर्बाद करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए ये प्राप्त नहीं होंगे | जिससे उनके विकल्पों में कमी आ जाएगी और उनके विकास मे बाधा आएगी |

प्रश्न : मानव विकास की संकल्पना ‘उत्पादकता’ पर संक्षिप्त नोट लिखें

उत्तर : यहाँ उत्पादकता का अर्थ मानव श्रम उत्पादकता अथवा मानव कार्य के संदर्भ में उत्पादकता  है | लोगों में क्षमताओं का निर्माण करके ऐसी उत्पादकता में निरंतर वृद्धि की जानी चाहिए | किसी देश के लोग ही वहाँ के वास्तविक धन होते है | उनके ज्ञान को बढ़ाने का प्रयास करके और उन्हे बेहतर चिकित्सा सुविधायें प्रदान करके उनकी उत्पादक क्षमता बेहतर की जा सकती है |

प्रश्न : मानव विकास की संकल्पना  ‘सशक्तिकरण’ पर संक्षिप्त नोट लिखें |

उत्तर : सशक्तिकरण का अर्थ है अपने विकल्प चुनने के लिए शक्ति प्राप्त करना | यह शक्ति बढ़ती हुई स्वतन्त्रताक्षमता और उत्पादकता से आती है | लोगों को सशक्त करने के लिए सुशासन और लोकोन्मुखी नीतियों की आवश्यकता होती है | सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए समूहों के सशक्तिकरण का मानव विकास में बहुत महत्व है |

 

SHORT ANSWERTYPE QUESTION ANSWER LESSON 2 HUMAN GEOGRAPHY THE WORLD POPULATION DISTRIBUTION DENSITY AND GROWTH CLASS 12TH

 

अध्याय -2

विश्व जनसंख्या :  वितरण घनत्व और वृद्धि

मानव भूगोल के मूल सिद्धांत (कक्षा-12)

प्रश्न : जनसंख्या वितरण से अभिप्राय है ?

उत्तर : जनसंख्या वितरण शब्द का अर्थ इस बात से लगाया जाता है कि भू-पृष्ठ पर लोग किस प्रकार वितरित है |

प्रश्न : 21वीं शताब्दी के प्रारम्भ में विश्व की जनसंख्या कितनी थी ?

उत्तर :  600 करोड़ से अधिक

प्रश्न : 2010 के विश्व के जनसंख्या के आँकड़ों के अनुसार अनुमानित जनसंख्या कितनी हो गई थी  ?

उत्तर : 6 अरब 90 करोड़ (690 करोड़)

प्रश्न : मोटे तौर पर विश्व की जनसंख्या का  90 प्रतिशत भाग विश्व के कितने प्रतिशत स्थल भाग पर रहता है ?

उत्तर :  मोटे तौर पर विश्व की जनसंख्या का  90 प्रतिशत भाग विश्व के 10 प्रतिशत स्थलभाग पर रहता है |

प्रश्न : विश्व के दस सर्वाधिक जनसंख्या वाले देशों में विश्व की  कितनी प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है ?

उत्तर :  60 प्रतिशत जनसंख्या

प्रश्न :  विश्व के दस सर्वाधिक जनसंख्या वाले देशों के नाम महाद्वीपों के अनुसार बताए ?

i)        चीन, भारत, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा जापान कुल 6 देश एशिया महाद्वीप  में  है |

ii)      उत्तर अमेरिका में एक देश  संयुक्त राज्य अमेरिका है |

iii)    दक्षिणी अमेरिका में  एक देश ब्राजील है |

iv)    अफ्रीका में  एक देश नाइजीरिया है |

v)      रूस एशिया और यूरोप दोनों महाद्वीपों में है |

प्रश्न : विश्व के तीन अधिकतम जनसंख्या वाले देशों के नाम बताओ ? इन देशों में विश्व की कितने प्रतिशत जनसंख्या रहती है ?

उत्तर : विश्व के तीन अधिकतम जनसंख्या वाले देश चीन,भारत तथा संयुक्त राज्य अमेरिका है इनमें विश्व की 40 प्रतिशत जनसंख्या रहती है |

प्रश्न : जनसंख्या घनत्व किसे कहते है ? 

उत्तर : किसी क्षेत्र की जनसंख्या और  क्षेत्रफल के अनुपातिक संबंध कों उस क्षेत्र का जनसंख्या घनत्व या जन घनत्व कहते है |  यह सामान्यत: प्रति वर्ग किलोमीटर में रहने वाले व्यक्तियों के रूप में मापा जाता है |

प्रश्न : उच्च जनसंख्या घनत्व वाले प्रदेश  से आप क्या समझते है ? इनमें कौन से प्रदेश शामिल हैं ?

उत्तर : विश्व में जिन क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व  200 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है | इन क्षेत्रों कों उच्च जनसंख्या घनत्व वाले प्रदेश कहते है |

इनमें निम्नलिखित क्षेत्रों कों शामिल किया जाता है | इन क्षेत्रों में मानसून एशिया  अर्थात पूर्व एशिया, तथा दक्षिण एवं दक्षिण पूर्व एशिया , यूरोप , उत्तर अमेरिका का  पूर्वी तटीय प्रदेश शामिल  है |

प्रश्न : सामान्य या मध्यम  जनसंख्या घनत्व वाले प्रदेश  से आप क्या समझते है ? इनमें कौन से प्रदेश शामिल हैं ?

उत्तर : विश्व के जिन क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से कम और 10 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से अधिक हो उन्हें साधारण या मध्यम जनसंख्या घनत्व वाले प्रदेश कहलाते है |

इन क्षेत्रों के अंतर्गत एशिया महाद्वीप में चीन तथा दक्षिणी भारत, यूरोप महाद्वीप में नार्वे तथा स्वीडन देश, उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में प्रेयरीज के मैदान का मध्य भाग, ऑस्ट्रेलिया के तटीय भाग तथा मरे-डार्लिंग बेसिन, दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप में में उतरी-पूर्वी ब्राजील, मध्यवर्ती चिली, वेनेजुएला, उत्तरी अफ्रीका का तटीय भाग, नाइजीरिया तथा दक्षिणी अफ्रीका संघ के कुछ भाग  शामिल है | 

प्रश्न : विरल जनसंख्या घनत्व वाले प्रदेश  से आप क्या समझते है ? इनमें कौन से प्रदेश शामिल हैं ?

उत्तर : विश्व के जिन क्षेत्रों में 1 से 2 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर रहते है | उन्हें विरल जनसंख्या घनत्व वाले प्रदेश कहलाते है |

इन क्षेत्रों के अंतर्गत उत्तरी व दक्षिणी ध्रुव, उष्ण तथा शीत मरुस्थल और विषुवत रेखा के निकट उच्च वर्षा के क्षेत्र शामिल हैं |

प्रश्न:  जनसंख्या कों प्रभावित करने वाले भौतिक कारक  कौन से है ?

उत्तर : जनसंख्या के वितरण कों प्रभावित करने वाले भौतिक या प्राकृतिक कारकों में जल की उपलब्धता, भू-आकृति, जलवायु तथा मृदा कों शामिल किया जाता है |

प्रश्न:   जनसंख्या कों प्रभावित करने वाले आर्थिक कारक कौन से है ?

उत्तर : जनसंख्या के वितरण कों प्रभावित करने वाले आर्थिक कारणों में खनिजों की उपलब्धता, नगरीकरण तथा औद्योगिकीकरण कों शामिल किया जाता है |

प्रश्न : जनसंख्या वृद्धि का अर्थ एक उदाहरण सहित से समझाइये |

उत्तर : जनसंख्या वृद्धि अथवा जनसंख्या परिवर्तन का अभिप्राय किसी क्षेत्र में समय की किसी निश्चित अवधि के दौरान बसे हुए लोगों की संख्या में परिवर्तन से है |

दूसरे शब्दों में समय के दो अंतरालों के बीच एक क्षेत्र विशेष में जनसंख्या में होने वाले परिवर्तन कों जनसंख्या वृद्धि कहते हैं |

उदाहरण के लिए, भारत की जनसंख्या सन् 2001 की जनगणना के अनुसार 102.70 करोड़  थी | जो 2011 की जनगणना के अनुसार 121.02 करोड़ हो गई | इन दोनों समय अंतरालों के दौरान भारत में 18.30 करोड़ लोगों की संख्या में वृद्धि हुई | भारत की जनसंख्या में इस वृद्धि कों ही जनसंख्या वृद्धि कहते है |

प्रश्न : जनसंख्या की धनात्मक वृद्धि से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : जब दो समय अंतरालों के बीच जन्म दर मृत्यु दर से अधिक हो और अन्य देशों से लोग आकर बस जाते है तो लोगों की कुल संख्या में वृद्धि हो जाए तो इस बढोतरी कों जनसंख्या की धनात्मक वृद्धि कहते है |

प्रश्न : जनसंख्या की ऋणात्मक वृद्धि से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : यदि दो समय अंतरालों के बीच जनसंख्या में कमी आये तो उसे जनसंख्या की ऋणात्मक वृद्धि कहते हैं | यह तब होती है जब जन्म दर मृत्यु दर से कम हो  और लोग अधिक संख्या में दूसरे देशों में जाकर रहने लगे |

प्रश्न : प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि  से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : किसी क्षेत्र विशेष में दो समय अंतरालों में जन्म और मृत्यु के अन्तर से जनसंख्या में होने वाली वृद्धि कों उस क्षेत्र की प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि कहते है | इसे निम्न सूत्र द्वारा परिकलित किया जा सकता है |

प्राकृतिक वृद्धि = जन्म लेने वाले लोगों की संख्या –मरने वाले लोगों की संख्या   

या   प्राकृतिक वृद्धि  = जन्म–मृत्यु

प्रश्न : वास्तविक जनसंख्या वृद्धि से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : किसी क्षेत्र विशेष में दो समय अंतरालों के बीच जन्म और मृत्यु के अन्तर तथा आप्रवास व उत्प्रवास करने वाले लोगों के अन्तर से जनसंख्या में होने वाली वृद्धि (परिवर्तन) कों उस क्षेत्र की वास्तविक जनसंख्या वृद्धि कहते है | इसे निम्न सूत्र के द्वारा परिकलित किया जाता है |

वास्तविक जनसंख्या वृद्धि =

(जन्म लेने वाले लोगों की संख्या –मरने वाले लोगों की संख्या) + (आप्रवास करने वाले लोगों की संख्या – उत्प्रवास करने वाले लोगों की संख्या) 

या  (जन्म–मृत्यु ) + (आप्रवास – उत्प्रवास) 

प्रश्न : जनसंख्या  परिवर्तन (वृद्धि)  के घटक (कारक) कौन कौन से हैं ?

उत्तर : जनसंख्या वृद्धि के कारक जनसंख्या के वे तत्व हैं जिनसे किसी स्थान की जनसंख्या वृद्धि प्रभावित होती है | जन्म, मृत्यु तथा प्रवास ये जनसंख्या वृद्धि के  तीन मुख्य घटक हैं |

प्रश्न : जन्म दर  (अशोधित जन्म दर ) Curd Birth Rate (CBR) से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : अशोधित जन्म दर कों प्रति हजार स्त्रियों द्वारा जन्म दिए गए  जीवित बच्चों के रूप में व्यक्त किया जाता है | इसकी गणना इस प्रकार की जाती है |

अशोधित जन्म दर  (CBR) =  क्षेत्र में किसी वर्ष विशेष में जीवित जन्म लेने वाले बच्चे x 1000 / क्षेत्र में वर्ष विशेष के मध्य में जनसंख्या

 

प्रश्न : मृत्यु दर  (अशोधित मृत्यु दर ) Curd Death Rate (CDR) से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : अशोधित मृत्यु दर कों किसी क्षेत्र में किसी वर्ष के दौरान प्रति हजार जनसंख्या के पीछे मरने वालों की संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है |  अशोधित मृत्यु दर की गणना इस प्रकार की जाती है |

अशोधित मृत्यु दर (CDR) = क्षेत्र में किसी वर्ष विशेष में मृतकों की संख्या x 1000/ क्षेत्र में वर्ष विशेष के मध्य में जनसंख्या

प्रश्न :  प्रवास किसे कहते हैं ?

उत्तर : किसी विशेष उद्देश्य से लोगों का एक स्थान कों छोकर दूसरे स्थान पर जाकर रहना प्रवास कहलाता है |

प्रश्न : प्रवास की प्रक्रिया कितने प्रकार की होती हैं ?

उत्तर : प्रवास की प्रक्रिया के अंतर्गत व्यक्ति का अपने स्थान कों छोड़कर जाने और दूसरे स्थान पर आकर रहना दोनों ही प्रकार की प्रक्रिया कों शामिल किया जाता है | ये निम्नलिखित दो प्रकार की होती है |

A.     आप्रवास (In-Migration)  :- जब लोग किसी नए स्थान पर आकर रहने लगते है | तो इस प्रक्रिया कों आप्रवास कहते है |

B.     उत्प्रवास  आप्रवास (Out- Migration) :- जब लोग एक स्थान कों छोडकर चले जाते हैं | तो इस प्रक्रिया कों उत्प्रवास कहते है |

प्रश्न : समय के  अवधि अनुसार प्रवास के प्रकार कौन कौन से हैं ?

प्रवास के समय के अवधि अनुसार प्रवास तीन प्रकार का होता है |  स्थाई, अस्थाई तथा मौसमी प्रवास | |

प्रश्न : स्थाई प्रवास किसे कहते हैं ?

उत्तर : जब व्यक्ति किसी स्थान कों छोड़कर चला जाए और दूसरे स्थान पर स्थाई रूप से रहने लगे तो इस प्रकार के प्रवास कों स्थाई प्रवास कहते है | महिलाओं अधिकतर विवाह के बाद इसी तरह का प्रवास करती हैं |

प्रश्न : अस्थाई प्रवास किसे कहते हैं ?

उत्तर : जब व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने स्थान कों छोड़कर रहने लगता है | तो इस तरह के प्रवास कों अस्थाई प्रवास कहते है | जैसे विद्यार्थी द्वारा शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपने जन्म स्थान कों छोड़कर जाना और शिक्षा ग्रहण करने पर वापस लौट आना |

प्रश्न : मौसमी प्रवास किसे कहते हैं ?

उत्तर : जब प्रवास एक विशेष समय (मौसम) में किया जाता है तो यह मौसमी प्रवास कहलाता है | इस प्रवास का मुख्य रूप से कृषि क्रिया में होता है | लोग कृषि कार्य करने के लिए जैसे कटाई या बुआई के मौसम में प्रवास करते हैं और काम समाप्त हो जाने पर अपने घर लौट आते है |  इसी तरह जम्मू कश्मीर से चरवाहे सर्दी के समय मैदानी क्षेत्रों में आ जाते है और गर्मियों की शुरुआत में वापस पहाड़ी क्षेत्रों में जाने लगते है | 

प्रश्न : गंतव्य स्थान के आधार पर प्रवास के प्रकार कितने प्रकार का होता है ? नाम बताओं |

उत्तर : गंतव्य स्थान के आधार पर प्रवास दो प्रकार का होता है | आंतरिक प्रवास तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रवास |

प्रश्न : आंतरिक प्रवास (Inland Migration) को परिभाषित कीजिए ?

उत्तर : प्रवास देश की सीमा में हो तो आंतरिक प्रवास कहलाता है |

प्रश्न :अंतर्राष्ट्रीय प्रवास (International Migration) को परिभाषित कीजिए ?

उत्तर : प्रवास जब देश की सीमा के बाहर  (एक देश से दूसरे देश में ) हो तो अंतर्राष्ट्रीय होता है |

प्रश्न : प्रवास की धाराएँ  लिखिए ?

उत्तर : प्रवास की चार मुख्य धाराएँ हैं |

(a)    गांव से गांव    (b)   गांव से नगर      (c)   नगर से नगर      (d)  नगर से गांव

प्रश्न : आप्रवासी किसे कहते हैं?  

उत्तर : वे लोग जो किसी नए स्थान पर आकर बस जाते हैं, आप्रवासी कहलाते हैं |

 

प्रश्न : उत्प्रवासी  किसे कहते हैं?  

उत्तर :  वे लोग जो अपने स्थान कों छोड़कर  बाहर चले जाते है, उत्प्रवासी कहलाते हैं |

प्रश्न : उद्गम स्थान और गंतव्य स्थान में अन्तर स्पष्ट कीजिए ?

उत्तर :     उद्गम स्थान  :-  वह स्थान जहाँ से लोग चले जाते हैं या गमन कर जाते है | उस स्थान कों उद्गम  स्थान कहते है | उत्प्रवास के प्रवास के कारण  यहाँ उद्गम स्थान की जनसंख्या में कमी होती है |

गंतव्य स्थान :-  वह स्थान जहाँ पर लोग आकार बीएस जाते हैं | उस स्थान कों गंतव्य स्थान कहते है | आप्रवास के कारण गंतव्य स्थान की जनसंख्या में वृद्धि होती है |

प्रश्न : प्रवास कों प्रभावित करने वाले कारक कितने प्रकार के है ?

उत्तर : प्रतिकर्ष कारक (Push Factors) और अपकर्ष कारक  (Pull Factors)

प्रश्न : प्रवास के प्रतिकर्ष कारक (Push Factors of Migration) को परिभाषित कीजिए | प्रवास को प्रभावित करने वाले अपकर्ष कारक कौन से हैं ?

उत्तर : वे कारक जो लोगों कों उनके निवास स्थान या उद्गम स्थान कों छोड़कर जाने का कारण बनते है उन्हें प्रवास के प्रतिकर्ष कारक कहते हैं |

इन कारकों के अंतर्गत बेरोजगारी, रहन-सहन की निम्न दशाएँ, राजनैतिक उपद्रव, प्रतिकूल जलवायु, बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का बार बार आना, महामारियाँ तथा सामाजिक और आर्थिक पिछड़ापन आदि शामिल हैं | जिनके कारण लोग अपना स्थान छोड़कर चले जाते है |

प्रश्न : प्रवास के अपकर्ष कारक  (Pull Factors of Migration) को परिभाषित कीजिए | प्रवास को प्रभावित करने वाले अपकर्ष कारक कौन से हैं ?

उत्तर : वे कारक जो लोगों कों विभिन्न स्थानों से आकार रहने के लिए आकर्षित करते हैं उन्हें प्रवास के अपकर्ष कारक कहते है | ये ऐसे कारक है जो किसी स्थान (गंतव्य स्थान ) कों उद्गम स्थान की अपेक्षा अपनी ओर आकर्षित करते हैं | 

इन कारकों में रोजगार के अच्छे अवसर, रहन-सहन की उच्च दशाएँ, राजनैतिक शांति और स्थायित्व, जीवन और सम्पति की सुरक्षा, अनुकूल जलवायु, तथा सामाजिक और आर्थिक रूप से उन्नत समाज आदि शामिल हैं |