अध्याय - मानव विकास
कक्षा 12वीं (मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)
प्रश्न : मानव विकास की अवधारणा का प्रतिपादन किसने
और कब किया ?
उत्तर : डॉ० महबूब उल हक के द्वारा1990 ई०
में किया गया था | ये एक पाकिस्तानी
अर्थशास्त्री थे |
प्रश्न : सबसे मानव विकास प्रतिवेदन (मानव विकास
रिपोर्ट) किस विद्वान ने प्रस्तुत कि थी ?
उत्तर : डॉ० महबूब उल हक ने 1990 में मानव विकास प्रतिवेदन (मानव विकास
रिपोर्ट) प्रस्तुत की थी |
प्रश्न :
मानव विकास रिपोर्ट प्रतिवर्ष कौन सी संस्था प्रकाशित करवाती है ?
उत्तर : संयुक्त राष्ट्र मानव विकास कार्यक्रम (UNDP)
प्रश्न : सबसे पहले मानव विकास सूचकांक किसने
निर्मित किया था ?
उत्तर: डॉ ० महबूब –उल-हक
प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन सा विकास का सर्वोतम
वर्णन करता है ?
(क) आकार
में वृद्धि |
(ख) गुण में धनात्मक परिवर्तन |
(ग) आकार में स्थिरता |
(घ )गुण में साधारण परिवर्तन |
उत्तर : गुण में धनात्मक परिवर्तन
प्रश्न : HDI का पूरा नाम
क्या है ?
उत्तर : मानव विकास सूचकांक (HUMAN DEVELOPMENT INDEX
)
प्रश्न : UNDP का पूरा नाम क्या है ?
उत्तर : संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNITED NATION
DEVELOPMENT PROGRAMME )
प्रश्न : GNH का
पूरा नाम क्या है ?
उत्तर : सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता (GROSS NATIONAL
HAPPINESS)
प्रश्न :
मानव विकास या मानव प्रगति से संबंधित सकल
राष्ट्रीय प्रसन्नता (GNH) को किस देश ने अधिकारिक माप घोषित कर रखा है ?
उत्तर : भूटान
प्रश्न : HPI का पूरा नाम क्या है ?
उत्तर : मानव गरीबी सूचकांक (HUMAN POWERTY INDEX )
प्रश्न : HDR का पूरा नाम क्या है ?
उत्तर : मानव विकास रिपोर्ट (HUMAN DEVELOPMENT REPORT
)
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट
कौन जारी करता है ?
उत्तर : संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNITED NATION
DEVELOPMENT PROGRAMME )
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट (HUMAN DEVELOPMENT REPORT )सबसे पहले कब जारी की गयी ?
उत्तर :1990 ई०
प्रश्न : दो
दक्षिणी एशियाई विद्वानों के नाम बताओ जिसने मानव विकास की अवधारणा का विकास किया ?
उत्तर : प्रो० अमर्त्य
सेन और डॉ ० महबूब –उल-हक
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2018 के अनुसार सबसे
विकसित देश कौन सा है ?
उत्तर : नार्वे
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2018 के अनुसार 189 देशों की
सूची में भारत का स्थान कौन सा है |
उत्तर :130 वां
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020
के अनुसार भारत का मानव विकास सूचकांक कितना है ?
उत्तर : 0.645
प्रश्न : किन देशों का स्थान मानव विकास रिपोर्ट
2017 के अनुसार भारत से ऊँचा है ?
उत्तर : श्रीलंका, ट्रिनिडाड और टोबैगो
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों का
सूचकांक कितना है ?
उत्तर : 0.800
से अधिक
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के
अनुसार उच्च मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?
उत्तर : 0.700
से 0.799 के बीच
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के
अनुसार मध्यम मानव विकास वाले देशों का
सूचकांक कितना है ?
उत्तर : 0.550
से 0. 699 के बीच
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के
अनुसार निम्न मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?
उत्तर : 0.549
से कम
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के
अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी है ?
उत्तर : 66
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के
अनुसार उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी है ?
उत्तर : 53
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के
अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी है ?
उत्तर : 37
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के
अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी है ?
उत्तर : 33
प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2006 के अनुसार भारत का
स्थान कौन सा था |
उत्तर :126 वां
प्रश्न :
मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार 189 देशों की सूची
में भारत का स्थान कौन सा था ?
उत्तर :131 वां
प्रश्न :
मानव विकास की अवधारणा के अनुसार मानव विकास के तीन केंद्र बिन्दु कौनसे है ?
या
प्रश्न : मानव
विकास के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पक्ष कौन से है ?
उत्तर : (1) स्वास्थ्य (दीर्घ व
स्वस्थ जीवन जीना) ,
(2) शिक्षा (ज्ञान
प्राप्त कर पाना)
(3) संसाधनों तक पहुँच (एक
शिष्ट जीवन जीने के लिए पर्याप्त संसाधनों का होना)
प्रश्न :
मानव विकास के उपागम के नाम बताओ |
उत्तर : मानव विकास के उपागम के चार उपागम है |
i)
आय उपागम
ii) कल्याण उपागम
iii) आधारभूत आवश्यकता उपागम
iv)
क्षमता उपागम
प्रश्न :
मानव विकास की संकल्पनाएँ कौनसी है ? या मानव विकास के चार स्तंभ कौनसे है ?
उत्तर : मानव विकास की चार संकल्पनाएँ निम्न लिखित
है |
i)
समता
ii) सतत पोषणीयता
iii) उत्पादकता
iv)
सशक्तिकरण
प्रश्न: मानव विकास के किस
उपागम में विकास को आय से साथ जोड़कर देखा जाता है ?
उत्तर : आय उपागम
प्रश्न: मानव विकास का कौन
सा उपागम विकास का सबसे पुराना उपागम है ?
उत्तर : आय उपागम
प्रश्न: मानव विकास के किस
उपागम में मानव को लाभार्थी अथवा सभी विकासात्मक गतिविधियों के केन्द्र के रूप में
देखा गया है ?
उत्तर : कल्याण उपागम
प्रश्न: मानव विकास का कौन
सा उपागम शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सुख साधनों पर उच्चतर सरकारी व्यय का तर्क देता है ?
उत्तर : कल्याण उपागम
प्रश्न: मानव विकास का कौन
सा उपागम लोग विकास में प्रतिभागी नहीं है किन्तु वे केवल निष्क्रिय प्राप्तकर्ता मानता
है ?
उत्तर : कल्याण उपागम
प्रश्न: मानव विकास का कौन
सा उपागम अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा
प्रस्तावित किया गया है ?
उत्तर : आधारभूत आवश्यकता उपागम
प्रश्न: आधारभूत आवश्यकता
उपागम के अंतर्गत
किन छः न्यूनतम आवश्यकताओं की पहचान की गई है जिन्हें सरकार द्वारा सभी को प्रदान
करना अनिवार्य समझा गया है ?
उत्तर :आधारभूत आवश्यकता उपागम के
अंतर्गत निम्नलिखित छ:न्यूनतम आवश्यकताओं की पहचान की गई जिन्हें सरकार द्वारा सभी
को प्रदान करना अनिवार्य माना गया है | स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, जलापूर्ति, स्वच्छता
और आवास |
प्रश्न : डॉ० अमर्त्य
सेन का संबंध मानव विकास किस उपागम से है ?
उत्तर : क्षमता उपागम
प्रश्न: आय उपागम पर
नोट लिखो ?
उत्तर : यह मानव विकास के सबसे पुराने
उपगमों मे से एक है | इसमें मानव विकास को आय के साथ जोड़कर देखा जाता है | इस उपागम में यह माना जाता है की किसी व्यक्ति की आय का स्तर उसके द्वारा
भोगी जा रही स्वतन्त्रता के स्तर को परिलक्षित करता है | आय का स्तर ऊँचा होने पर मानव विकास का स्तर ऊँचा होगा और आय का स्तर
निम्न होने पर मानव विकास का स्तर भी नीचा होगा |
प्रश्न :कल्याण उपागम पर नोट
लिखो ?
उत्तर : यह उपागम मानव को लाभार्थी
अथवा सभी विकासात्मक गतिविधियों के लक्ष्य (केंद्र) के रूप में देखता है | यह उपागम
शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक
सुरक्षा और सुख साधनों पर उच्चतर सरकारी व्यय का तर्क देता है | इस उपागम के अनुसार लोग विकास में
प्रतिभागी नहीं है किन्तु वे केवल निष्क्रिय प्राप्तकर्ता है | यह उपागम मानता है की सरकार लोगो के कल्याण पर अधिकतम व्यय करके मानव
विकास के स्तरों में वृद्धि करने के लिए जिम्मेदार है
प्रश्न: आधारभूत आवश्यकता उपागम पर
नोट लिखो ?
उत्तर: इस उपागम को मूल रूप से
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने प्रस्तावित किया था | इसमें छ:
न्यूनतम आवश्यकताओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, जलापूर्ति, स्वच्छ्ता
और आवास की पहचान की गई थी | इसमें मानव विकल्पों
के प्रश्न की उपेक्षा की गई है और परिभाषित वर्गों की मूलभूत आवश्यकताओं की
व्यवस्था पर ज़ोर दिया गया है |
प्रश्न: क्षमता उपागम पर
नोट लिखो ?
उत्तर : इस उपागम का संबंध डॉ० अमर्त्य सेन से
है | इस उपागम के अनुसार संसाधनों के पहुँच के
क्षेत्रों में मानव क्षमताओं का निर्माण बढ़ते मानव विकास की कुंजी है | दूसरे शब्दों में हम कह सकते है की क्षमताओं को विकसित किए बिना मनुष्य
संसाधनों तक नहीं पहुँच सकता | मानव क्षमताओं का
निर्माण ही मानव विकास का आधार है |
प्रश्न : सार्थक जीवन से आप
क्या समझते हैं ?
उत्तर : मानव विकास की अवधारणा के अनुसार सार्थक
जीवन केवल दीर्घ (लंबा जीवन) नहीं होता | सार्थक जीवन का अर्थ
है लोग स्वस्थ हों, वे अपनी बुद्धि का विकास कर सकते
हों | वे सामाज में प्रतिभागिता करें और अपने
उद्देश्यों को पूरा करने में स्वतंत्र हो |
प्रश्न : . मानव
विकास की संकल्पना ‘ समता’ पर संक्षिप्त नोट लिखें
उत्तर : समता से आशय ऐसी
व्यवस्था करने से है जिससे प्रत्येक व्यक्ति की उपलब्ध संसाधनों तक पहुँच हो सके | लोगों को उपलब्ध अवसर या संसाधन लिंग, प्रजाति, धर्म, आय और भारत के संदर्भ में जाति के भेदभाव
के विचार के बिना समान रूप से प्राप्त होने चाहिए | यद्यपि ऐसा ज़्यादातर नहीं होता फिर भी यह प्रत्येक समाज में घटित होता है | अर्थात समाज में कभी –कभी जातिगत भेदभाव की घटनाएँ
होती रहती है |
उदाहरण के लिए भारत में स्त्रियाँ और सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े हुए
वर्गों के व्यक्ति बड़ी संख्या में विद्यालय नहीं जा पाते |इससे पता चलता है की शिक्षा तक समान पहुँच ना होना इन वर्गों के लोगों के
विकल्पों को सीमित करता है |
प्रश्न : मानव
विकास की संकल्पना ‘सतत पोषणीयता’ पर संक्षिप्त नोट लिखें |
उत्तर : सतत पोषणीयता या निर्वहन का अर्थ है अवसरों की
उपलब्धता में निरंतरता | अर्थात अवसर लगातार उपलब्ध होते रहने
चाहिए | सतत पोषणीय मानव विकास के लिए आवश्यक है
की प्रत्येक पीढ़ी को समान अवसर मिले | इसलिए हमें
अपने पर्यावरणीय, वित्तीय तथा मानव संसाधनों का उपयोग
इस प्रकार करना चाहिए की हमारी आने वाली पीढ़ियाँ इससे वंचित न रह जाएँ |
उदाहरण के लिए यदि हम
प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग सही ढंग से ना करके उनको बर्बाद करेंगे तो आने वाली
पीढ़ियों के लिए ये प्राप्त नहीं होंगे | जिससे उनके विकल्पों
में कमी आ जाएगी और उनके विकास मे बाधा आएगी |
प्रश्न : मानव विकास की
संकल्पना ‘उत्पादकता’
पर संक्षिप्त नोट लिखें
उत्तर : यहाँ
उत्पादकता का अर्थ मानव श्रम उत्पादकता अथवा मानव कार्य के संदर्भ में उत्पादकता है | लोगों में क्षमताओं का निर्माण करके ऐसी उत्पादकता में निरंतर वृद्धि की
जानी चाहिए | किसी देश के लोग ही वहाँ के वास्तविक
धन होते है | उनके ज्ञान को बढ़ाने का प्रयास करके
और उन्हे बेहतर चिकित्सा सुविधायें प्रदान करके उनकी उत्पादक क्षमता बेहतर की जा
सकती है |
प्रश्न : मानव विकास की
संकल्पना ‘सशक्तिकरण’
पर संक्षिप्त नोट लिखें |
उत्तर : सशक्तिकरण का अर्थ है अपने विकल्प चुनने
के लिए शक्ति प्राप्त करना | यह शक्ति बढ़ती हुई स्वतन्त्रता, क्षमता और उत्पादकता से आती है | लोगों को
सशक्त करने के लिए सुशासन और लोकोन्मुखी नीतियों की आवश्यकता होती है | सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए समूहों के सशक्तिकरण का मानव विकास
में बहुत महत्व है |
No comments:
Post a Comment