Tuesday, February 27, 2024

SHORT ANSWERTYPE QUESTION LESSON HUMAN DEVELOPMENT CLASS 12TH GEOGRAPHY

 

अध्याय -  मानव विकास

कक्षा 12वीं (मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)

प्रश्न : मानव विकास की अवधारणा का प्रतिपादन किसने और कब किया ?

उत्तर : डॉ० महबूब उल हक के द्वारा1990 ई० में  किया गया था | ये एक पाकिस्तानी अर्थशास्त्री थे | 

प्रश्न : सबसे मानव विकास प्रतिवेदन (मानव विकास रिपोर्ट) किस विद्वान ने  प्रस्तुत कि थी ?

उत्तर : डॉ० महबूब उल हक  ने 1990 में मानव विकास प्रतिवेदन (मानव विकास रिपोर्ट) प्रस्तुत की थी  |

प्रश्न :  मानव विकास रिपोर्ट प्रतिवर्ष कौन सी संस्था प्रकाशित करवाती है ?

उत्तर : संयुक्त राष्ट्र मानव विकास कार्यक्रम (UNDP)

प्रश्न : सबसे पहले मानव विकास सूचकांक किसने निर्मित किया था ?

उत्तर: डॉ ० महबूब उल-हक 

प्रश्न :  निम्नलिखित में से कौन सा विकास का सर्वोतम वर्णन करता है ?

(क) आकार में वृद्धि 

(ख) गुण में धनात्मक परिवर्तन

(ग) आकार में स्थिरता  

(घ )गुण में साधारण  परिवर्तन

उत्तर :  गुण में धनात्मक परिवर्तन  

प्रश्न :  HDI  का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : मानव विकास सूचकांक (HUMAN DEVELOPMENT INDEX )

प्रश्न  : UNDP का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNITED NATION DEVELOPMENT PROGRAMME )

प्रश्न  : GNH का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता (GROSS NATIONAL HAPPINESS)

प्रश्न  : मानव विकास या मानव प्रगति से  संबंधित सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता (GNH) को किस देश ने अधिकारिक माप घोषित कर रखा है ?

उत्तर : भूटान

प्रश्न  : HPI का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : मानव गरीबी सूचकांक (HUMAN POWERTY INDEX )

प्रश्न  : HDR  का पूरा नाम क्या है ?

उत्तर : मानव विकास रिपोर्ट (HUMAN DEVELOPMENT REPORT )

 प्रश्न  : मानव विकास रिपोर्ट कौन जारी करता है ?

उत्तर : संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNITED NATION DEVELOPMENT PROGRAMME )

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट (HUMAN DEVELOPMENT REPORT )सबसे पहले कब जारी की गयी ?

उत्तर :1990 ई०

प्रश्न  : दो दक्षिणी एशियाई विद्वानों के नाम बताओ जिसने मानव विकास की अवधारणा का विकास किया ?

उत्तर :  प्रो०  अमर्त्य सेन  और  डॉ ० महबूब उल-हक

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2018 के अनुसार सबसे विकसित देश कौन सा है ?

उत्तर : नार्वे

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2018 के अनुसार 189 देशों की सूची में भारत का स्थान कौन सा है |

उत्तर :130 वां

प्रश्न :   मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार भारत का मानव विकास सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.645

प्रश्न : किन देशों का स्थान मानव विकास रिपोर्ट 2017 के अनुसार भारत से  ऊँचा है ?

उत्तर :  श्रीलंकाट्रिनिडाड और टोबैगो

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020  के अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.800 से अधिक

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार उच्च मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.700 से 0.799 के बीच  

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार मध्यम  मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.550 से 0. 699 के बीच

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार निम्न मानव विकास वाले देशों का सूचकांक कितना है ?

उत्तर : 0.549 से कम

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी  है ?

उत्तर : 66

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी  है ?

उत्तर : 53

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी  है ?

उत्तर : 37

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार अधिक उच्च मानव विकास वाले देशों की संख्या कितनी  है ?

उत्तर : 33

प्रश्न : मानव विकास रिपोर्ट 2006 के अनुसार भारत का स्थान कौन सा था |

उत्तर :126 वां

प्रश्न  : मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार 189 देशों की सूची में भारत का स्थान कौन सा था  ?

उत्तर :131 वां

प्रश्न  : मानव विकास की अवधारणा के अनुसार मानव विकास के तीन  केंद्र बिन्दु  कौनसे है ?

या

प्रश्न  : मानव विकास के सर्वाधिक महत्वपूर्ण  पक्ष कौन से  है ?

उत्तर :    (1) स्वास्थ्य (दीर्घ व स्वस्थ जीवन जीना) ,  

(2) शिक्षा (ज्ञान प्राप्त कर पाना) 

(3) संसाधनों तक पहुँच   (एक शिष्ट जीवन जीने के लिए पर्याप्त संसाधनों का होना)

प्रश्न  : मानव विकास के उपागम के नाम बताओ |

उत्तर : मानव विकास के उपागम के चार उपागम है |

i)        आय उपागम 

ii)      कल्याण उपागम 

iii)    आधारभूत आवश्यकता उपागम 

iv)    क्षमता उपागम  

प्रश्न  : मानव विकास की संकल्पनाएँ कौनसी है ?  या  मानव विकास के चार स्तंभ कौनसे है ?

उत्तर : मानव विकास की चार संकल्पनाएँ निम्न लिखित है |

i)        समता

ii)      सतत पोषणीयता 

iii)    उत्पादकता

iv)    सशक्तिकरण

प्रश्न: मानव विकास के किस उपागम में विकास को आय से साथ जोड़कर देखा जाता है ?

उत्तर : आय उपागम

प्रश्न: मानव विकास का कौन सा उपागम  विकास का सबसे पुराना उपागम है ?

उत्तर : आय उपागम

प्रश्न: मानव विकास के किस उपागम में मानव को लाभार्थी अथवा सभी विकासात्मक गतिविधियों के केन्द्र के रूप में देखा गया है ?

उत्तर : कल्याण उपागम

प्रश्न: मानव विकास का कौन सा उपागम  शिक्षास्वास्थ्यसामाजिक सुरक्षा और सुख साधनों पर उच्चतर सरकारी व्यय का तर्क देता है ?

उत्तर : कल्याण उपागम

प्रश्न: मानव विकास का कौन सा उपागम लोग विकास में प्रतिभागी नहीं है किन्तु वे केवल निष्क्रिय प्राप्तकर्ता मानता है ?

उत्तर : कल्याण उपागम

प्रश्न: मानव विकास का कौन सा उपागम  अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा प्रस्तावित किया गया है ?

उत्तर : आधारभूत आवश्यकता उपागम 

प्रश्न: आधारभूत आवश्यकता उपागम  के अंतर्गत किन छः न्यूनतम आवश्यकताओं की पहचान की गई है जिन्हें सरकार द्वारा सभी को प्रदान करना अनिवार्य समझा गया है ?

उत्तर :आधारभूत आवश्यकता उपागम के अंतर्गत निम्नलिखित छ:न्यूनतम आवश्यकताओं की पहचान की गई जिन्हें सरकार द्वारा सभी को प्रदान करना अनिवार्य माना गया है | स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, जलापूर्ति, स्वच्छता और आवास |

प्रश्न : डॉ०  अमर्त्य सेन का संबंध मानव विकास किस उपागम से है ?

उत्तर : क्षमता उपागम

प्रश्न: आय उपागम  पर नोट लिखो ?

उत्तर : यह मानव विकास के सबसे पुराने उपगमों मे से एक है | इसमें मानव विकास को आय के साथ जोड़कर देखा जाता है | इस उपागम में यह माना जाता है की किसी व्यक्ति की आय का स्तर उसके द्वारा भोगी जा रही स्वतन्त्रता के स्तर को परिलक्षित करता है | आय का स्तर ऊँचा होने पर मानव विकास का स्तर ऊँचा होगा और आय का स्तर निम्न होने पर मानव विकास का स्तर भी नीचा होगा |

प्रश्न :कल्याण उपागम पर नोट लिखो ?

उत्तर : यह उपागम मानव को लाभार्थी अथवा सभी विकासात्मक गतिविधियों के लक्ष्य (केंद्र) के रूप में देखता है | यह उपागम शिक्षास्वास्थ्यसामाजिक सुरक्षा और सुख साधनों पर उच्चतर सरकारी व्यय का तर्क देता है | इस उपागम के अनुसार  लोग विकास में प्रतिभागी नहीं है किन्तु वे केवल निष्क्रिय प्राप्तकर्ता है | यह उपागम मानता है की सरकार लोगो के कल्याण पर अधिकतम व्यय करके मानव विकास के स्तरों में वृद्धि करने के लिए जिम्मेदार है

प्रश्न:  आधारभूत आवश्यकता उपागम  पर नोट लिखो ?

उत्तर: इस उपागम को मूल रूप से अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने प्रस्तावित किया था | इसमें छ: न्यूनतम आवश्यकताओं जैसे स्वास्थ्यशिक्षाभोजनजलापूर्तिस्वच्छ्ता और आवास की पहचान की गई थी | इसमें मानव विकल्पों के प्रश्न की उपेक्षा की गई है और परिभाषित वर्गों की मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था पर ज़ोर दिया गया है |

प्रश्न: क्षमता उपागम पर नोट लिखो ?

उत्तर : इस उपागम का संबंध डॉ०  अमर्त्य सेन से है | इस उपागम के अनुसार संसाधनों के पहुँच के क्षेत्रों में मानव क्षमताओं का निर्माण बढ़ते मानव विकास की कुंजी है | दूसरे शब्दों में हम कह सकते है की क्षमताओं को विकसित किए बिना मनुष्य संसाधनों तक नहीं पहुँच सकता | मानव क्षमताओं का निर्माण ही मानव विकास का आधार है |

प्रश्न : सार्थक जीवन से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : मानव विकास की अवधारणा के अनुसार सार्थक जीवन केवल दीर्घ (लंबा जीवन) नहीं होता | सार्थक जीवन का अर्थ है लोग स्वस्थ होंवे अपनी बुद्धि का विकास कर सकते हों | वे सामाज में प्रतिभागिता करें और अपने उद्देश्यों को पूरा करने में  स्वतंत्र हो |

 

प्रश्न : मानव विकास की संकल्पना ‘ समता’ पर संक्षिप्त नोट लिखें

उत्तर : समता से आशय ऐसी व्यवस्था करने से है जिससे प्रत्येक व्यक्ति की उपलब्ध संसाधनों तक पहुँच हो सके | लोगों को उपलब्ध अवसर या संसाधन लिंगप्रजातिधर्मआय और भारत के संदर्भ में जाति के भेदभाव के विचार के बिना समान रूप से प्राप्त होने चाहिए | यद्यपि ऐसा ज़्यादातर नहीं होता फिर भी यह प्रत्येक समाज में घटित होता है | अर्थात समाज में कभी कभी जातिगत भेदभाव की घटनाएँ होती रहती है |

 उदाहरण के लिए भारत में स्त्रियाँ और सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े हुए वर्गों के व्यक्ति बड़ी संख्या में विद्यालय नहीं जा पाते |इससे पता चलता है की शिक्षा तक समान पहुँच ना होना इन वर्गों के लोगों के विकल्पों को सीमित करता है |

प्रश्न :  मानव विकास की संकल्पना ‘सतत पोषणीयता’ पर संक्षिप्त नोट लिखें |

उत्तर :  सतत पोषणीयता या निर्वहन का अर्थ है अवसरों की उपलब्धता में निरंतरता | अर्थात अवसर लगातार उपलब्ध होते रहने चाहिए | सतत पोषणीय मानव विकास के लिए आवश्यक है की प्रत्येक पीढ़ी को समान अवसर मिले | इसलिए हमें अपने पर्यावरणीयवित्तीय तथा मानव संसाधनों का उपयोग इस प्रकार करना चाहिए की हमारी आने वाली पीढ़ियाँ इससे वंचित न रह जाएँ |

उदाहरण के लिए यदि हम प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग सही ढंग से ना करके उनको बर्बाद करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए ये प्राप्त नहीं होंगे | जिससे उनके विकल्पों में कमी आ जाएगी और उनके विकास मे बाधा आएगी |

प्रश्न : मानव विकास की संकल्पना ‘उत्पादकता’ पर संक्षिप्त नोट लिखें

उत्तर : यहाँ उत्पादकता का अर्थ मानव श्रम उत्पादकता अथवा मानव कार्य के संदर्भ में उत्पादकता  है | लोगों में क्षमताओं का निर्माण करके ऐसी उत्पादकता में निरंतर वृद्धि की जानी चाहिए | किसी देश के लोग ही वहाँ के वास्तविक धन होते है | उनके ज्ञान को बढ़ाने का प्रयास करके और उन्हे बेहतर चिकित्सा सुविधायें प्रदान करके उनकी उत्पादक क्षमता बेहतर की जा सकती है |

प्रश्न : मानव विकास की संकल्पना  ‘सशक्तिकरण’ पर संक्षिप्त नोट लिखें |

उत्तर : सशक्तिकरण का अर्थ है अपने विकल्प चुनने के लिए शक्ति प्राप्त करना | यह शक्ति बढ़ती हुई स्वतन्त्रताक्षमता और उत्पादकता से आती है | लोगों को सशक्त करने के लिए सुशासन और लोकोन्मुखी नीतियों की आवश्यकता होती है | सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए समूहों के सशक्तिकरण का मानव विकास में बहुत महत्व है |

 

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