प्रश्न : गेहूँ की खेती के लिए
उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें | भारत में इसके उत्पादन तथा वितरण का
वर्णन कीजिए |
अथवा
प्रश्न : गेहूँ की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ कौन-सी है ? भारत
में गेंहूँ कहाँ-कहाँ पैदा किया जाता है ?
गेंहूँ
एक रबी फसल है | यह भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान फसल है | इसके उत्पादन
में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है | इसकी खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियों तथा
भारत में इसके उत्पादन और वितरण का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है |
गेहूँ
की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ
1) तापमान
:
गेंहूँ
के बोते समय शीतल और आर्द्र (नमी युक्त) जलवायु तथा पकते समय उष्ण तथा शुष्क
जलवायु की आवश्यकता होती है | अत: इसे बोते समय 100 से 150 सेंटीग्रेड तापमान और काटते समय 250 सेंटीग्रेड के आसपास
तापमान होना चाहिए |
2) वर्षा
:
इसकी
खेती के लिए 50 सेंटीमीटर से 75
सेंटीमीटर तक वर्षा की पर्याप्त होती है | इससे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सिंचाई
की सहायता से इसकी खेती की जा सकती है | उत्तर –पश्चिम भारत में शीत ऋतु में होने
वाली वर्षा इसके लिए बहुत उपयोगी होती है |
3) भूमि
:
गेंहूँ
की खेती के लिए भूमि समतल होनी चाहिए | इससे मशीनों के प्रयोग और सिंचाई में
सुविधा रहती है |
4) मिट्टी
:
इसकी
खेती के लिए मिट्टी उपजाऊ होनी चाहिए | दोमट मिट्टी इसकी फसल के लिए सबसे अच्छी
मानी जाती है |
5) श्रम
तथा पूँजी :
अधिकतर
कार्य मशीनों से होने के कारण इसमें श्रम की आवश्यकता कम होती है तथा पूँजी की
अधिक आवश्यकता पडती है |
उत्पादन
तथा वितरण :
गेंहूँ
के उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है | भारत में गेंहूँ के उत्पादन
करने वाले स्थानों कों दो क्षेत्रों में बाँटा जाता है | ये उत्तर पश्चिम में
गंगा- सतलुज का मैदान तथा दक्कन का काली मिट्टी का क्षेत्र है |
भारत
में गेंहूँ उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य पंजाब हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार
तथा राजस्थान है | इनके अतिरिक्त मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र में भी
कुछ क्षेत्रों में इसकी खेती की जाती है |
प्रश्न : कपास की खेती के लिए
उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें | भारत में इसके उत्पादन तथा वितरण का
वर्णन कीजिए |
अथवा
प्रश्न : कपास की खेती के लिए
अनुकूल परिस्थितियाँ कौन-सी है ? भारत में कपास कहाँ-कहाँ पैदा किया जाता है ?
कपास
सूती कपडा उद्योग का महत्वपूर्ण कच्चा माल है | कपास के पौधे का मूल स्थान भारत ही
माना जाता है | यह नकदी फसल है | इसके उत्पादन में भारत का विश्व में तीसरा स्थान
है | यह एक खरीफ ऋतु की फसल हैं | इसकी फसल कों तैयार होने में 6 से 8
महीने लग जाते हैं | इसकी खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियों तथा भारत
में इसके उत्पादन और वितरण का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है |
कपास
की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ
1) तापमान
:
कपास
की खेती के लिए उच्च तापमान की आवश्यकता
होती है |
2) सूर्य
का प्रकाश :
कपास
के तैयार होने के लिए खुली धुप निकली रहनी चाहिए | खुली धुप मिलने से कपास में चमक
बनी रहती है | अत; इसके लिए वर्ष में 210 दिन पाला रहित होने चाहिए |
3) वर्षा
:
इसकी
खेती के लिए 50 सेंटीमीटर तक वर्षा की पर्याप्त होती है
| सिंचाई की सहायता से इसकी खेती की जा सकती है |
4) मिट्टी
:
इसकी
खेती के लिए काली मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है | जो दक्कन के पठार में उपलब्ध
है |
5) श्रम
तथा पूँजी
कपास
के पौधे से कपास चुनने केलिए अधिक तथा कुशल श्रम की आवश्यकता होती है |
उत्पादन
तथा वितरण :
कपास
के उत्पादन में भारत का विश्व में तीसरा स्थान है | दक्कन का पठार भारत में कपास
का उत्पादन करने वाला प्रमुख क्षेत्र है |
भारत
में कपास उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य गुजरात, महाराष्ट्र मध्य प्रदेश,
कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश हैं |
प्रश्न : गन्ने की खेती के लिए
उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें | भारत में इसके उत्पादन तथा वितरण का
वर्णन कीजिए |
अथवा
प्रश्न : गन्ने की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ कौन-सी है ? भारत
में गन्ने की खेती कहाँ-कहाँ की जाती है ?
उत्तर
: गन्ना एक उष्ण तथा उपोष्ण कटिबंधीय फसल है | गन्ने का मूल स्थान भारत ही माना
जाता है | गन्ना चीनी उद्योग का महत्वपूर्ण कच्चा माल है | इसके अलावा गन्ने के रस का प्रयोग खांडसारी,गुड,
शीरा तथा शक्कर बनाने में भी किया जाता है | यह एक खरीफ ऋतु की फसल हैं | इसकी खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियों तथा भारत
में इसके उत्पादन और वितरण का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है |
गन्ने
की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ
1) तापमान
:
गन्ने की खेती के लिए उच्च तापमान की आवश्यकता
होती है | इसके लिए 210 सेल्सियस से 270 सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है | पाला
इसके लिए हानिकारक होता है | कटाई के लिए स्वच्छ आकाश होना जरुरी है |
2) वर्षा
:
इसकी खेती के लिए 75 सेंटीमीटर से 100 सेंटीमीटर तक वर्षा की पर्याप्त होती है | इसके अतिरिक्त सिंचाई की पर्याप्त
सुविधा होनी चाहिए | अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों तथा उचित सिंचाई की व्यवस्था वाले
क्षेत्रों में इसकी पैदावार अधिक होती है |
3) भूमि
:
इसके लिए
अच्छे जल निकास वाली समतल भूमि होनी चाहिए |
4) मिट्टी
:
गन्ने की खेती के लिए उपजाऊ भूमि का आवश्यकता
होती है | जिस मिट्टी में चूने तथा फॉस्फोरस की मात्रा अधिक होती है | उसमें गन्ने
की पैदावार अधिक होती है |
5) श्रम
तथा पूँजी
गन्ने की बुआई से लेकर कटाई तक अधिकतर काम
हाथों से होता है | अत: इसके लिए अधिक शारीरिक श्रम की आवश्यकता होती है|
उत्पादन
तथा वितरण :
गन्ने
के उत्पादन में ब्राजील के बाद भारत का विश्व में दूसरा स्थान है | भारत के सभी क्षेत्रों में गन्ने की खेती की
जाती है |
भारत
में गन्ना उत्पादन करने वाला प्रमुख राज्य
उत्तर प्रदेश है जहाँ देश के कुल उत्पादन का लगभग आधा भाग पैदा होता है | इसके
अलावा महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश,
बिहार, कर्नाटक, हरियाणा तथा तमिलनाडु प्रमुख राज्य हैं |
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