Tuesday, June 29, 2021

गेहूँ , कपास तथा गन्ने पाठ 4 क़ृषि (10th भूगोल)

प्रश्न : गेहूँ  की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें | भारत में इसके उत्पादन तथा वितरण का वर्णन कीजिए |

अथवा

प्रश्न : गेहूँ की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ कौन-सी है ? भारत में गेंहूँ कहाँ-कहाँ पैदा किया जाता है ?

गेंहूँ एक रबी फसल है | यह भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान फसल है | इसके उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है | इसकी खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियों तथा भारत में इसके उत्पादन और वितरण का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है |

गेहूँ की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ

1)      तापमान :

गेंहूँ के बोते समय शीतल और आर्द्र (नमी युक्त) जलवायु तथा पकते समय उष्ण तथा शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है | अत: इसे बोते समय 100 से 150 सेंटीग्रेड तापमान और काटते समय  250 सेंटीग्रेड  के आसपास तापमान होना चाहिए |

2)      वर्षा :

इसकी खेती के लिए 50 सेंटीमीटर से 75 सेंटीमीटर तक वर्षा की पर्याप्त होती है | इससे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सिंचाई की सहायता से इसकी खेती की जा सकती है | उत्तर –पश्चिम भारत में शीत ऋतु में होने वाली वर्षा इसके लिए बहुत उपयोगी होती है |

3)      भूमि :

गेंहूँ की खेती के लिए भूमि समतल होनी चाहिए | इससे मशीनों के प्रयोग और सिंचाई में सुविधा रहती है |

4)      मिट्टी :

इसकी खेती के लिए मिट्टी उपजाऊ होनी चाहिए | दोमट मिट्टी इसकी फसल के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है |

5)      श्रम तथा पूँजी :

अधिकतर कार्य मशीनों से होने के कारण इसमें श्रम की आवश्यकता कम होती है तथा पूँजी की अधिक आवश्यकता पडती है |

उत्पादन तथा वितरण :

गेंहूँ के उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है | भारत में गेंहूँ के उत्पादन करने वाले स्थानों कों दो क्षेत्रों में बाँटा जाता है | ये उत्तर पश्चिम में गंगा- सतलुज का मैदान तथा दक्कन का काली मिट्टी का क्षेत्र  है |

भारत में गेंहूँ उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य पंजाब हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा राजस्थान है | इनके अतिरिक्त मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र में भी कुछ क्षेत्रों में इसकी खेती की जाती है |

प्रश्न : कपास  की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें | भारत में इसके उत्पादन तथा वितरण का वर्णन कीजिए |

अथवा

प्रश्न : कपास  की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ कौन-सी है ? भारत में कपास कहाँ-कहाँ पैदा किया जाता है ?

कपास सूती कपडा उद्योग का महत्वपूर्ण कच्चा माल है | कपास के पौधे का मूल स्थान भारत ही माना जाता है | यह नकदी फसल है | इसके उत्पादन में भारत का विश्व में तीसरा स्थान है | यह एक खरीफ ऋतु की फसल हैं | इसकी फसल कों तैयार होने में  6 से 8  महीने लग जाते  हैं |  इसकी खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियों तथा भारत में इसके उत्पादन और वितरण का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है |

कपास की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ

1)      तापमान :

कपास की खेती के लिए  उच्च तापमान की आवश्यकता होती है |  

2)      सूर्य का प्रकाश :

कपास के तैयार होने के लिए खुली धुप निकली रहनी चाहिए | खुली धुप मिलने से कपास में चमक बनी रहती है |  अत; इसके लिए वर्ष में 210 दिन पाला रहित होने चाहिए |

3)      वर्षा :

इसकी खेती के लिए 50 सेंटीमीटर तक वर्षा की पर्याप्त होती है | सिंचाई की सहायता से इसकी खेती की जा सकती है |

4)      मिट्टी :

इसकी खेती के लिए काली मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है | जो दक्कन के पठार में उपलब्ध है |

5)      श्रम तथा पूँजी

कपास के पौधे से कपास चुनने केलिए अधिक तथा कुशल श्रम की आवश्यकता होती है |

उत्पादन तथा वितरण :

कपास के उत्पादन में भारत का विश्व में तीसरा स्थान है | दक्कन का पठार भारत में कपास का उत्पादन करने वाला प्रमुख क्षेत्र है |

भारत में कपास उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य गुजरात, महाराष्ट्र मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश हैं |

प्रश्न : गन्ने  की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें | भारत में इसके उत्पादन तथा वितरण का वर्णन कीजिए |

अथवा

प्रश्न : गन्ने की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ कौन-सी है ? भारत में गन्ने की खेती कहाँ-कहाँ की जाती है ?

उत्तर : गन्ना एक उष्ण तथा उपोष्ण कटिबंधीय फसल है | गन्ने का मूल स्थान भारत ही माना जाता है | गन्ना चीनी उद्योग का महत्वपूर्ण कच्चा माल है |  इसके अलावा गन्ने के रस का प्रयोग खांडसारी,गुड, शीरा तथा शक्कर बनाने में भी किया जाता है | यह एक खरीफ ऋतु की फसल हैं |  इसकी खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियों तथा भारत में इसके उत्पादन और वितरण का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है |

गन्ने की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ

1)      तापमान :

गन्ने की खेती के लिए उच्च तापमान की आवश्यकता होती है |  इसके लिए 210 सेल्सियस  से  270 सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है | पाला इसके लिए हानिकारक होता है | कटाई के लिए स्वच्छ आकाश होना जरुरी है |

2)      वर्षा :

इसकी खेती के लिए 75 सेंटीमीटर  से 100 सेंटीमीटर तक वर्षा की पर्याप्त होती है | इसके अतिरिक्त सिंचाई की पर्याप्त सुविधा होनी चाहिए | अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों तथा उचित सिंचाई की व्यवस्था वाले क्षेत्रों में इसकी पैदावार अधिक होती है |

3)      भूमि  :

इसके लिए  अच्छे जल निकास वाली समतल भूमि होनी चाहिए |

4)      मिट्टी :

गन्ने की खेती के लिए उपजाऊ भूमि का आवश्यकता होती है | जिस मिट्टी में चूने तथा फॉस्फोरस की मात्रा अधिक होती है | उसमें गन्ने की पैदावार अधिक होती है |

5)      श्रम तथा पूँजी

गन्ने की बुआई से लेकर कटाई तक अधिकतर काम हाथों से होता है | अत: इसके लिए अधिक शारीरिक श्रम की आवश्यकता होती है|

उत्पादन तथा वितरण :

गन्ने के उत्पादन में ब्राजील के बाद भारत का विश्व में दूसरा स्थान है |  भारत के सभी क्षेत्रों में गन्ने की खेती की जाती है |

भारत में गन्ना  उत्पादन करने वाला प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश है जहाँ देश के कुल उत्पादन का लगभग आधा भाग पैदा होता है | इसके अलावा महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश,  बिहार, कर्नाटक, हरियाणा तथा तमिलनाडु प्रमुख राज्य हैं | 






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