Monday, February 14, 2022

SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS CLASS 10TH LESSON 1 POWER SHARING

 

अध्याय-1

सत्ता की साझेदारी

(लोकतांत्रिक राजनीति -2)

कक्षा -10

 

प्रश्न 1: बेल्जियम किस महाद्वीप में स्थित है ?

उत्तर: यूरोप

प्रश्न 2 : बेल्जियम की सीमाएँ किन देशों से लगती है ? (बेल्जियम के पडोसी देश कौन से हैं ?)

उत्तर : नीदरलैंड, यूक्रेन तथा जर्मनी

प्रश्न 3:  बेल्जियम का क्षेत्रफल भारत के किस राज्य के क्षेत्रफल से भी कम है ?

उत्तर: हरियाणा

प्रश्न 4: बेल्जियम की आबादी कितनी है ?

उत्तर: एक करोड़ से थोड़ी अधिक

प्रश्न 5: बेल्जियम की आबादी भारत के किस राज्य की आबादी से लगभग आधी है ?

उत्तर: हरियाणा

प्रश्न 6: बेल्जियम की कुल आबादी कितना प्रतिशत हिस्सा फ्लेमिश इलाके में रहता है ?

उत्तर: 59 प्रतिशत

प्रश्न 7: बेल्जियम में फ्लेमिश इलाके रहने वाले लोग कौन-सी भाषा बोलते है ?

उत्तर: डच

प्रश्न 8: बेल्जियम की कुल आबादी कितना प्रतिशत हिस्सा वेलोनिया इलाके में रहता है ?

उत्तर : 40 प्रतिशत

प्रश्न 9: बेल्जियम में वेलोनिया इलाके रहने वाले लोग कौन-सी भाषा बोलते है ?

उत्तर : फ्रेंच

प्रश्न 10: बेल्जियम की राजधानी का नाम बताओ ?

उत्तर : ब्रुसेल्स

प्रश्न 11: बेल्जियम में कितने प्रतिशत लोग जर्मन भाषा बोलते है ?

उत्तर : एक प्रतिशत

प्रश्न 12: बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में कितने प्रतिशत लोग डच भाषा बोलते हैं ?

उत्तर : 20 प्रतिशत

प्रश्न 13: बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में कितने प्रतिशत लोग फ्रेंच भाषा बोलते हैं ?

उत्तर : 80 प्रतिशत

प्रश्न 14: बेल्जियम में किस भाषा के लोग तुलनात्मक रूप से ज्यादा समृद्ध और ताकतवर रहे है ?

उत्तर : फ्रेंच

प्रश्न 15: बेल्जियम में फ्रेंच और डच और भाषा बोलने वाले समुदायों के लोगों के बीच तनाव कब बढ़ने लगा ?

उत्तर : सन् 1950 और 1960 के दशक में

प्रश्न 16: बेल्जियम के नेताओं ने क्षेत्रीय और सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखकर सभी समुदायों के लिए चार संशोधन कब किए ?

उत्तर : सन् 1970 से 1993 के बीच

प्रश्न 17: श्रीलंका कब स्वतंत्र हुआ ?

उत्तर : सन् 1948

प्रश्न 18: श्रीलंका कहाँ स्थित है ? (श्रीलंका की स्थिति बताओ ?)

उत्तर : श्रीलंका एशिया महाद्वीप का देश है |  एक द्वीपीय देश है | यह भारत के तमिलनाडू राज्य के दक्षिणी तट से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है |

प्रश्न 19: श्रीलंका की आबादी कितनी है ?

उत्तर : लगभग दो करोड़

प्रश्न 20: श्रीलंका की आबादी भारत के किस राज्य की आबादी से बराबर है ?

उत्तर: हरियाणा

प्रश्न 21: श्रीलंका की आबादी में कितने प्रतिशत लोगों का समूह सिंहली भाषा बोलते है ?

उत्तर : 74 प्रतिशत

प्रश्न 22: श्रीलंका की आबादी में कितने प्रतिशत लोगों का समूह तमिल भाषा बोलता है ?

उत्तर : 18 प्रतिशत

प्रश्न 23: श्रीलंका में तमिल लोगों के दो समूह कौन से है और उनका श्रीलंका की आबादी में कितनेप्रतिशत हिस्सा हैं ?

उत्तर : श्रीलंका में कुल 18 प्रतिशत तमिल है | जिनके दो समूह है |

श्रीलंकाई तमिल – ये 13 प्रतिशत है | हिन्दुस्तानी तमिल – ये 5 प्रतिशत है |

प्रश्न 24: श्रीलंका में अधिकतर सिंहली भाषी लोग किस धर्म के अनुयायी है ?

उत्तर : बौद्ध धर्म

प्रश्न 25: श्रीलंका में अधिकतर तमिल भाषी लोग किन धर्मों के अनुयायी है ?

उत्तर : हिंदू तथा मुस्लिम धर्म

प्रश्न 26: श्री लंका की आबादी में कितने प्रतिशत ईसाई है?

उत्तर : लगभग 7 प्रतिशत

प्रश्न 27: श्रीलंकाई के ईसाई कौन सी भाषा बोलते हैं ?

उत्तर : तमिल तथा सिंहली दोनों भाषाएँ

प्रश्न 28: स्वतंत्रता के बाद श्रीलंका में किस समुदाय के नेताओं ने अपनी बहुसंख्या के बल पर शासन पर प्रभुत्व जमाना चाहा था ?

उत्तर : सिंहली समुदाय के नेताओं ने

प्रश्न 29: श्री लंका में किस समूह की सरकार बनी ?

उत्तर : सिंहली भाषा बोलने वाले समूह की |

प्रश्न 30: श्रीलंका के नए सविंधान में किस भाषा कों राजभाषा कों दर्जा दिया गया ?

उत्तर : सिंहली भाषा

प्रश्न 31: श्री लंका में विश्वविद्यालयों में प्रवेश तथा नौकरियों में किन कों प्राथमिकता देने की नीति बनाई गई ?

उत्तर : सिंहलियों कों

प्रश्न 32: श्रीलंका के नए सविंधान में किस धर्म कों संरक्षण और बढ़ावा दिया गया ?

उत्तर : बौद्ध धर्म  

प्रश्न 33: 1980 के दशक में उत्तरी –पूर्वी श्रीलंका में किस माँग कों लेकर राजनितिक संगठन बने ?

उत्तर : स्वतंत्र तमिल ईलम (सरकार) बनाने की माँग कों लेकर |

प्रश्न 34:यूरोपीय संघ का मुख्यालय कहाँ स्थित है ?

उत्तर : ब्रुसेल्स

प्रश्न 35: बेल्जियम में किस प्रकार की सरकार है ?

उत्तर : संघीय सरकार

प्रश्न 36: श्रीलंका में किस प्रकार की सरकार है ?

उत्तर : एकात्मक सरकार

प्रश्न 37 : संघीय सरकार किसे कहते है ?

उत्तर : सरकार का वह प्रकार जिसमें शक्तियाँ केन्द्रीय सत्ता और उसको बनाने वाले हिस्सों में बाँटी जाती है उसे संघीय सरकार कहते है |

प्रश्न 38: संघीय सरकार में अधिक शक्तिशाली कौन होता है ?

उत्तर : केन्द्र सरकार

प्रश्न 39:बेल्जियम कब स्वतंत्र हुआ ?

उत्तर : सन् 1830

प्रश्न 40: बेल्जियम की जातीय बनावट कैसी है ?

उत्तर : बेल्जियम में  59 प्रतिशत डच भाषाई, 40 प्रतिशत फ्रेंच भाषी तथा एक प्रतिशत जर्मन भाषा कों बोलने वाले लोग रहते है |

प्रश्न 41: श्रीलंका की जातीय बनावट कैसी है ?

उत्तर : श्रीलंका में 74 प्रतिशत सिंहली भाषी जिनमें अधिकतर बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं, 18 प्रतिशत तमिल भाषी है जिनमें हिंदू और  मुस्लिम धर्म के लोग शामिल हैं |   इनके अलावा लगभग 7 प्रतिशत ईसाई धर्म के अनुयायी हैं जो तमिल और सिंहली दोनों भाषाएँ बोलते हैं |  |

प्रश्न 42: खलील कहाँ रहता था ?

उत्तर : लेबनान के बेरुत शहर में

प्रश्न 43: लेबनान की राजधानी का नाम बताओ |

उत्तर : बेरुत

प्रश्न 44: लेबनान में किस धर्म का व्यक्ति राष्ट्रपति बन सकता है ?

उत्तर : मैरोनाईट पंथ का कोई कैथोलिक ईसाई

प्रश्न 45: लेबनान में किस धर्म का व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है ?

उत्तर : सुन्नी मुसलमान

प्रश्न 46: लेबनान में किस धर्म का व्यक्ति उपप्रधानमंत्री बन सकता है ?

उत्तर : आर्थोडॉक्स ईसाई

प्रश्न 47: लेबनान में किस धर्म का व्यक्ति संसद का अध्यक्ष बन सकता है ?

उत्तर : शिया मुसलमान

प्रश्न 48: शासन के विभिन्न अंग कौन से है जिनमें सत्ता का बँटवारा होता है ?

उत्तर : विधानपालिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका

प्रश्न 49: नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था में सत्ता का बँटवारा किनके बीच होता है ?

उत्तर : नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था में सत्ता का बँटवारा शासन के विभिन्न अंगों विधानपालिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका  के बीच होता है |

प्रश्न 50: शासन या सरकार के विभिन्न स्तर कौन से हैं जिनमें सत्ता का बँटवारा होता है ?

उत्तर : केन्द्रीय सरकार , राज्य या प्रांतीय (क्षेत्रीय) सरकार तथा स्थानीय सरकार |

प्रश्न 51: सत्ता का क्षैतिज बँटवारा किस तरह होता है ?

उत्तर : जब सत्ता का बँटवारा शासन के विभिन्न अंगों विधानपालिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका  के बीच होता है | तो उसे सत्ता का क्षैतिज बँटवारा कहते है |

प्रश्न 52: सत्ता का उर्ध्वाधर बँटवारा किस तरह होता है ?

उत्तर : जब सत्ता का बँटवारा शासन के विभिन्न स्तरों पर होता है तो उसे सत्ता का उर्ध्वाधर बँटवारा कहते हैं | जैसे केन्द्रीय स्तर की सरकार , राज्य या प्रांतीय (क्षेत्रीय) स्तर की सरकार तथा स्थानीय स्तर सरकार

प्रश्न 53: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर की सरकार कों क्या कहते है ?

उत्तर : छोटे शहरों में नगरपालिका या नगर परिषद तथा बड़े नगरों में नगरनिगम

प्रश्न 54: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार कों क्या कहते हैं ?

उत्तर : ग्राम पंचायत

प्रश्न 55: गृहयुद्ध किसे कहते है ?

उत्तर : किसी देश (मुल्क) में सरकार विरोधी समूहों की हिंसक लड़ाई ऐसा रूप धारण कर ले  कि वह युद्ध सा लगने लगे तो उस स्थिति कों गृहयुद्ध कहते है |

प्रश्न 56: युक्तिपरक तर्क  या समझदारी का तर्क किस बात पर बल देता है ?

उत्तर : युक्तिपरक तर्क किसी कार्य के लाभकारी परिणामों पर बल देता है | इस प्रकार के तर्क में लाभ-हानि का ध्यान रखकर फैसलें किए जाते है |

प्रश्न 57: नैतिक तर्क किस बात पर बल देता है ?

उत्तर : नैतिक तर्क सत्ता के बँटवारे के अंतर्भूत महत्व कों बताता है | यह नैतिकता पर बल देता है | इस प्रकार के तर्क में लाभ-हानि का ध्यान रखकर फैसलें नहीं किए जाते है |

प्रश्न 58: श्रीलंका की राजधानी का नाम बताओ ?

उत्तर : कोलम्बो

प्रश्न 59: जर्मनी के राजनैतिक दलों के नाम बताओ |

उत्तर : (अ) क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी तथा  (ब) सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी

प्रश्न 60:एथेनिक या जातीय से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : ऐसा समाजिक विभाजन जिसमें हर समूह अपनी-अपनी संस्कृति कों अलग मानता है | यानि साँझी संस्कृति पर आधारित सामाजिक विभाजन है | जिसमें लोग मानते है कि उनकी उत्पत्ति समान पूर्वजों से हुई है लेकिन अब वे अलग धर्म कों मानते है |

Wednesday, January 26, 2022

IRON ORE (Production and distribution in India )

 

लौह अयस्क

लौह अयस्क प्रमुख लौह युक्त धात्विक खनिज है | यह उद्योगों के विकास के लिए एक सुदृढ़ आधार प्रदान करता है | लौहे कों आज की सभ्यता की रीढ़ भी कहा जाता है | किसी भी प्रदेश के आर्थिक विकास और जीवन स्तर का अनुमान इस बात से भी लगाया जाता है कि वहाँ कितनी मात्रा में लौहे का प्रयोग किया जाता है |  

भारत में लौह अयस्क के भंडार

भारत में लौह अयस्क के प्रचुर संसाधन है | यहाँ एशिया के विशालतम लौह अयस्क के भंडार आरक्षित है | हमारे देश में लौह अयस्क के दो प्रमुख प्रकार हेमेटाइट तथा मैग्नेटाइट पाए जाते है |  ये अयस्क सर्वोतम गुणवत्ता के है इसलिए विश्व के विभिन्न देशों में भारी माँग है  |

      लौह अयस्क की खदानें देश के उत्तर-पूर्वी पठारी प्रदेश में कोयला क्षेत्रों के निकट स्थित है जो इसके लिए लाभदायक है |

हमारे देश में 2004-05 में लौह अयस्क के आरक्षित भंडार लगभग 200 करोड़ टन थे  | लौह अयस्क के कुल आरक्षित भंडारों का लगभग 95 प्रतिशत भाग ओडिशा, झारखंड, छतीसगढ़, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु राज्यों में स्थित हैं |

भारत में लौह का उत्पादन तथा वितरण

भारत में सन् 1950-51 में 42 लाख टन लौह-अयस्क का उत्पादन हुआ था जो बढ़कर सन् 2010-11 में  2080 लाख टन हो गया | अत : लौहे के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है | भारत के विभिन्न राज्यों में लौह अयस्क के  वितरण कों निम्न प्रकार से समझा जा सकता है |

कर्नाटक

कर्नाटक भारत के कुल लौह अयस्क उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत (एक चौथाई ) लौह अयस्क पैदा करके प्रथम स्थान पर है | यहाँ लौह अयस्क के निक्षेप वल्लारी जिले के बेलारी, संदूरतथा हासपेट क्षेत्र में लौह अयस्क की खानें है | चिकमंगलूर जिले बाबा बूदन पहाडियों, कालाहांडी तथा केमानगुडी प्रमुख खानें है | इनके अलावा कुद्रेमुख तथा शिवमोगा, चित्रदुर्ग और तुमकुरु जिलों के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं |     

छतीसगढ़

यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा लौह अयस्क उत्पादक राज्य है | यह राज्य भारत के कुल लौह अयस्क उत्पादन का लगभग 20 प्रतिशत  लौह अयस्क पैदा करता है | इस राज्य में लौह अयस्क की पट्टी दुर्ग, दांतेवाड़ा और बैलाडीला तक विस्तृत है | दांतेवाड़ा जिले का बैलाडीला तथा दुर्ग जिले के डल्ली और राजहरा में देश की महत्वपूर्ण लौह अयस्क की खदानें हैं | इनके अलावा रायगढ़, बिलासपुर तथा सरगुजा अन्य उत्पादक जिले है | यहाँ का अधिकाँश लौहा अयस्क विशाखापट्टनम पत्तन के द्वारा जापान कों निर्यात कर दिया जाता है |

ओडिशा

यहाँ भारत का 19 प्रतिशत से अधिक लौह अयस्क पैदा किया जाता है | इस राज्य में लौह अयस्क सुंदरगढ़, मयूरभंज, झार स्थित पहाड़ी श्रंखलाओं में पाया जाता है | यहाँ की महत्वपूर्ण खदानें गुरुमहिसानी, सुलाएपत, बदामपहाड़ (मयूरभंज), किरुबुरु (केन्दुझर) तथा बोनाई (सुंदरगढ़) है |  

गोवा

पिछले कुछ दशकों से गोवा तेजी से महत्वपूर्ण उत्पादक के रूप में उभरा है | यह राज्य भारत के कुल लौह अयस्क उत्पादन का लगभग 16 प्रतिशत  लौह अयस्क पैदा करके चौथे स्थान पर है |यहाँ का लौहा अयस्क घटिया किस्म का है जिसमें 40 से 60 प्रतिशत तक ही शुद्ध लौहा प्राप्त होता है | यहाँ के लौह अयस्क कों मारमागाओ (मारमागोवा) पत्तन से निर्यात कर दिया जाता है |  

झारखंड

इस राज्य में भारत का 15 प्रतिशत लौह अयस्क का उत्पादन करता है | झारखंड में भी ओडिशा की तरह पहाड़ी श्रंखलाओं में कुछ सबसे पुरानी लौह अयस्क की खदानें है | इस राज्य में लौह अयस्क की अधिकतर खादानें लौह एवं इस्पात संयंत्र के आस पास ही है | नोआमंडी और गुआ जैसी महत्वपूर्ण खदानें इस राज्य के पूर्वी और पश्चिमी जिलों में स्थित है | सिंहभूम, पलामू धनबाद, हजारीबाग, संथाल परगना तथा राँची मुख्य उत्पादक जिले है |

महाराष्ट्र

इस राज्य की प्रमुख खदानें चंद्रपुर, भंडारा और रत्नागिरी जिलों में पाइ जाती है |

तेलंगाना

इस राज्य की मुख्य खदानें करीमनगर , वारांगल जिले में स्थित है |

आन्ध्रप्रदेश

यहाँ के कुरुनूल, कुडप्पा तथा अनंतपुर जिलों में लौह अयस्क के भंडार है |

तमिलनाडु

इस राज्य के सेलम तथा नीलगिरी जिले लौह अयस्क के मुख्य क्षेत्र है |

 हरियाणा

इस राज्य के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र में लौह अयस्क के भंडार हैं |

Agencies engaged in exploration of minerals in India and Distribution of Minerals in India Mineral belts in India

 

भारत में खनिजों के अन्वेषण में संलग्न अभिकरण (Agencies engaged in exploration of minerals in India)

भारत में खनिजों के व्यवस्थित सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण (Prospecting)  तथा अन्वेषण (खोज) के कार्य निम्नलिखित अभिकरण (संस्थाएँ) कर रही है |

1)      भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India) (GSI)

2)      तेल और प्राकृतिक गैस आयोग (Oil and Natural Gas Commission) (ONGC)

3)      खनिज अन्वेषण निगम लिमिटिड (Mineral Exploration Corporation Ltd.) (MECL)

4)      राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (National Mineral Development Corporation) (NMDC)

5)      इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस (Indian Bureau of Mines) (IBM)

6)      भारत गोल्ड माइंस लिमिटिड (Bharat Gold Mines Ltd.) (BGML)

7)      हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटिड (Hindustan Copper Ltd.) (HCL)

8)      राष्ट्रीय एल्युमिनियम कंपनी लिमिटिड (National Aluminium Company Ltd.) (NALCO)

 

इनके अलावा विभिन्न राज्यों के खादान एवं भू विज्ञान विभाग भी इस कार्य के शामिल है |

 

भारत में  खनिजों का वितरण

भारत में खनिजों के वितरण से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य है  जो निम्नलिखित हैं |  

1.       भारत में अधिकाँश धात्विक खनिज प्रायद्वीपीय पठारी क्षेत्र की प्राचीन क्रिस्टलीय शैलों में पाए जाते हैं |

2.       कोयले का लगभग 97 प्रतिशत भाग दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी नदियों की घाटियों में पाया जाता है |

3.       पेट्रोलियम के आरक्षित भंडार असम, गुजरात तथा मुंबई हाई अर्थात अरब सागर के अतटीय क्षेत्र में पाए जाते है | नए आरक्षित क्षेत्र कृष्णा-गोदावरी तथा कावेरी बेसिनों में पाए गए हैं |

4.       अधिकाँश प्रमुख खनिज मंगलौर से कानपुर कों जोड़ने वाली कल्पित रेखा के पूर्व में पाए जाते हैं |

भारत में खनिज पट्टियाँ

भारत में खनिज मुख्यतः तीन विस्तृत पट्टियों में सांद्रित है | उत्तरी – पूर्वी पठारी प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम पठारी प्रदेश तथा उत्तर-पश्चिमी प्रदेश | इनके अलावा कुछ भंडार यत्र-तत्र  एकाकी खंडों में भी पाए जाते है | भारत में खनिजों की पट्टियों का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है |

               क).            उत्तरी – पूर्वी पठारी प्रदेश

इस पट्टी के अंतर्गत छोटानागपुर (झारखंड), ओडिशा के पठार, पश्चिम बंगाल तथा छतीसगढ़ के कुछ भाग आते हैं | प्रमुख लौह और  इस्पात उद्योग  इस क्षेत्र में अवस्थित है | इस क्षेत्र में लौह अयस्क, कोयला, मैंगनीज, बॉक्साइट तथा अभ्रक के भंडार अधिक मिलते है |

              ख).            दक्षिण-पश्चिम पठारी प्रदेश

यह पट्टी कर्नाटक, गोवा कर्नाटक के साथ लगती तमिलनाडु की उच्च भूमि और केरल पर विस्तृत है | यह पट्टी लौह धातुओं तथा  बॉक्साइट से समृद्ध है | इस पेटी में उच्च कोटि का लौह-अयस्क,मैंगनीज तथा चूना-पत्थर मिलता है | लिगनाइट कोयले कों छोड़कर इस पेटी में कोयले का अभाव है |  केरल में मोनाजाइट रेत में थोरियम तथा बॉक्साइट क्ले के निक्षेप हैं | गोवा में लौह अयस्क के निक्षेप पाए जाते है | इस पट्टी में उत्तरी पूर्वी पट्टी की तरह खनिजों के निक्षेप विविधता पूर्ण नहीं है |

                ग).            उत्तर-पश्चिमी प्रदेश

यह पट्टी राजस्थान तथा गुजरात के कुछ भाग पर विस्तृत है | इस पेटी के खनिज धारवाड़ क्रम की चट्टानों से संबंधित है | ताँबा तथा जिंक यहाँ के प्रमुख खनिज हैं | राजस्थान का क्षेत्र बलुआ पत्थर, ग्रेनाइट, संगमरमर तथा जिप्सम जैसे भवन निर्माण वाले पत्थरों से समृद्ध है | इनके अलावा यहाँ मुल्तानी मिट्टी के विस्तृत निक्षेप पाए जाते है | डोलामाइट तथा चूना पत्थर सीमेंट के लिए कच्चा माल उपलब्ध करवाते हैं | गुजरात अपने पट्रोलियम निक्षेपों के लिए प्रसिद्ध है | इनके अलावा राजस्थान तथा गुजरात दोनों ही राज्यों में नमक के समृद्ध स्त्रोत है |   

               घ).            अन्य क्षेत्र

इन तीन पट्टियों के अलावा एक अन्य खनिज पट्टी भी है | यह पेटी हिमालय पट्टी कहलाती है | यहाँ ताँबा, सीसा, जस्ता, कोबाल्ट तथा रंगरत्न पाया जाता है | ये खनिज हिमालय के पूर्वी और पश्चिमी दोनों भागों में पाए जाते है | असम घाटी में खनिज तेलों (पट्रोलियम) के निक्षेप है |

इनके अतिरिक्त मुंबई के अपतटीय क्षेत्रों में भी खनिज तेलों के निक्षेप पाए जाते हैं |

Sunday, January 2, 2022

Meaning, characteristics, importance and types of Minerals

 

खनिज का अर्थ

एक खनिज निश्चित रासायनिक एवं भौतिक गुणधर्मों (विशिष्टताओं) के साथ कार्बनिक या अकार्बनिक उत्पत्ति का एक प्राकृतिक पदार्थ है |

खनिजों की सामान्य विशेताएँ

सभी प्रकार के खनिजों में निम्नलिखित तीन सामान्य विशेषताएँ होती हैं |

1)      खनिज विभिन्न क्षेत्रों में असमान रूप से वितरित होते हैं |

2)      खनिजों की मात्रा और गुणवत्ता के बीच प्रतिलोमी (विलोम) संबंध पाया जाता है अर्थात अधिक गुणवत्ता वाले खनिज कम मात्रा में मिलते है और कम गुणवत्ता वाले खनिज अधिक मात्रा में पाए जाते है | 

3)      सभी खनिज समय के साथ-साथ समाप्त होते जाते है अर्थात समाप्य है | भूगार्भिक दृष्टि से इन्हें बनने में लंबा समय लगता है | आवश्यकता के समय इनका पुनर्भरण नहीं किया जा सकता | अत : इन्हें संरक्षित किया जाना चाहिए | इनका दुरूपयोग नहीं करना चाहिए  क्योंकि इन्हें दुबारा उत्पन्न करने में समय लगता है इन्हें तुरंत उत्पन्न नहीं किया जा सकता | 

खनिजों का आर्थिक महत्व

खनिज किसी भी देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं | जो निम्नप्रकार से स्पष्ट है |

1)      खनिज उद्योगों कों आधार प्रदान करते है |

2)      अनेक प्रकार के उद्योग कच्चे माल के लिए खनिजों पर आधारित है |

3)      कोयला, पट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैसे जैसे खनिज ऊर्जा प्रदान करते है |

खनिजों के प्रकार

रासायनिक एवं भौतिक गुणधर्मों के आधार पर खनिजों कों दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा जा सकता है |

1.       धात्विक खनिज

2.       अधात्विक खनिज

इनका संक्षिप्त वर्णन निम्नप्रकार से है |

धात्विक खनिज

वे खनिज जिसमें धातुओं का अंश पाया जाता है | उन्हें धात्विक खनिज कहते है | खनिजों की उत्पत्ति अकार्बनिक तत्वों से हुई है | जैसे लौहा, मैगनीज, टंगस्टन, ताँबा,सीसा, सोना, चाँदी, तथा निकिल आदि |

धात्विक खनिजों में निम्नलिखित विशेषताएँ होती है |

1)      ये खनिज सख्त और चमकीले होते हैं |

2)      ये प्राय: आग्नेय चट्टानों में पाए जाते है |

3)      ये लचीले होते है | इन्हें पीटकर कोई भी रूप दिया जा सकता है | इन्हें खींच कर लम्बा किया जा सकता है |

4)      ये चोट मारने पर टूट कर बिखरते नहीं है |

धात्विक खनिजों के प्रकार

धात्विक खनिजों कों पुनः दो प्रकारों लौहयुक्त धात्विक खनिज तथा अलौहयुक्त धात्विक खनिज में बाँटा जाता है |

अ.     लौहयुक्त धात्विक खनिज

वे खनिज जिनमें लौह धातु का अंश पाया जाता है उन्हें लौहयुक्त धात्विक खनिज कहते हैं | जैसे लौहा, मैगनीज, टंगस्टन तथा निकिल आदि | ये मैटमैले,स्लेटी तथा घूसर रंग के होते है |

आ.   अलौहयुक्त धात्विक खनिज

वे खनिज जिनमें लौह धातु का अंश नहीं पाया जाता है उन्हें अलौहयुक्त धात्विक खनिज कहते हैं | जैसे ताँबा,सीसा, सोना, चाँदी, टिन,  बॉक्साईट  तथा मैंगनीशियम आदि | ये अनेक रंगों में मिलते है |

अधात्विक खनिज

वे खनिज जिसमें धातुओं का अंश नहीं पाया जाता है | उन्हें अधात्विक खनिज कहते है | इन खनिजों की उत्पत्ति कार्बनिक तथा अकार्बनिक दोनों ही प्रकार के तत्वों से हुई है | जैसे कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, अभ्रक (माइका), स्लेट, चूना पत्थर, ग्रेफाईट, डोलोमाईट, जिप्सम तथा फ़ॉस्फेट आदि |

अधात्विक खनिजों में निम्नलिखित विशेषताएँ होती है |

1)      ये खनिज कम चमकदार होते हैं |

2)      ये प्राय: परतदार चट्टानों में पाए जाते है |

3)      ये कम लचीले होते है | इन्हें पीटकर कोई भी रूप नहीं दिया जा सकता है | इन्हें खींच कर लम्बा भी नहीं किया जा सकता है |

4)      ये चोट मारने पर टूट कर बिखर जाते है |

अधात्विक खनिजों के प्रकार

अधात्विक खनिजों कों पुनः दो प्रकारों कार्बनिक अधात्विक खनिज तथा अकार्बनिक अधात्विक खनिज में बाँटा जाता है |

अ.     कार्बनिक अधात्विक खनिज

वे खनिज जिनकी उत्पत्ति कार्बनिक तत्वों से हुई है | इनमें जीवाश्म होते है | इन्हें ईंधन खनिज भी कहते हैं |  जैसे कोयला, पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस आदि |

आ.   अकार्बनिक अधात्विक खनिज

वे खनिज जिनकी उत्पत्ति अकार्बनिक तत्वों से हुई है | इनमें जीवाश्म नहीं होते  | जैसे अभ्रक (माइका), स्लेट, चूना पत्थर, ग्रेफाईट, डोलोमाईट, जिप्सम तथा फ़ॉस्फेट आदि |