Tuesday, July 13, 2021

भारत का भौतिक स्वरूप (भूगोल ) कक्षा 9वीं अभ्यास के प्रश्न उत्तर

 

अभ्यास के प्रश्न उत्तर

अध्याय 2 , भारत का भौतिक स्वरूप  (भूगोल ) कक्षा 9वीं

 

प्रश्न : एक स्थलीय भाग जो तीन ओर से समुद्र से घिरा हो उसे क्या कहते है ?

क.     तट

ख.     प्रायद्वीप

ग.      द्वीप

घ.      इनमें से कोई नहीं

उत्तर : प्रायद्वीप

प्रश्न : भारत के पूर्वी भाग में म्यांमार की सीमा का निर्धारण करने वाले पर्वतों का संयुक्त नाम क्या है ?

क.     हिमाचल

ख.     पूर्वांचल

ग.      उत्तरांचल

घ.      इनमें से कोई नहीं

उत्तर : पूर्वांचल

प्रश्न : गोवा के दक्षिण में स्थित तटीय पट्टी कों किस तट के नाम से जानते है ?

क.     कोरोमंडल

ख.     कन्नड़

ग.      कोंकण

घ.      उत्तरी सरकार

उत्तर : कन्नड़

प्रश्न : पूर्वी घाट का सर्वोच्च शिखर कौन-सा है?

क.     अनाइमुदी

ख.     महेंद्रगिरि

ग.      कंचनजुंगा

घ.      खासी

उत्तर : महेन्द्रगिरि

प्रश्न : ‘भाबर’ क्या है ?

उत्तर : भाबर उत्तर के विशाल मैदान का भाग है | जहाँ हिमालय से निकलने वाली नदियाँ पहाड़ी क्षेत्र से निकलते ही तुरंत इन मैदान में प्रवेश करती है और अपने साथ लाए रेत, कंकड, बजरी तथा पत्थर आदि का निक्षेप करती है | मैदान के इस भाग में नदियाँ लुप्त हो जाती है | इसका कारण यह है कि इस क्षेत्र में नदियाँ भूमि टल पर बहने की बजाय बड़े-बड़े पत्थरों के बीच भूमि के नीचे बहती है | भाबर का मैदान 8 से 16 किलोमीटर की चौड़ाई में फैला है और शिवालिक की तलहटी में सिंधु नदी से लेकर तिस्ता नदी तक स्थित है |

प्रश्न : हिमालय के तीन प्रमुख विभागों के नाम उत्तर से दक्षिण के क्रम में बताइए |

उत्तर : उत्तर से दक्षिण के क्रम में हिमालय के तीन प्रमुख भाग निम्नलिखित है|

1.       महान हिमालय अथवा हिमाद्री अथवा आंतरिक हिमालय

2.       मध्य हिमालय या हिमाचल

3.       बाह्य हिमालय अथवा शिवालिक

प्रश्न : अरावली और विंध्याचल की पहाडियों के बीच कौन-सा पठार स्थित है ?

 उत्तर : अरावली और विंध्याचल की पहाडियों के बीच मालवा का पठार स्थित है |

प्रश्न : भारत के उन् द्वीपों के नाम बताइए जो प्रवाल भित्ति के है |

उत्तर : लक्षद्वीप समूह प्रवाल भित्ति के है |

प्रश्न : बांगर और खादर में अन्तर स्पष्ट कीजिए |

उत्तर : बांगर और खादर भारत के विशाल मैदान के भाग है | इन दोनों में निम्नलिखित अन्तर है |

बांगर

खादर

    1. मैदान का वह भाग  जो पुरानी जलोढ़ मिट्टी का बना है|उसे बांगर कहते है |

    2. इस क्षेत्र में बाढ़ नहीं आती |

   3. बांगर कम उपजाऊ मैदानी क्षेत्र हैं|क्योंकि इसमें प्रतिवर्ष बाढ़ नहीं आती जिससे नई जलोढ़ मिट्टी का निर्माण नहीं होता |

    4.इस क्षेत्र की मृदा में चूनेदार निक्षेप पाए जाते है | जिन्हें स्थानीय भाषा में कंकड कहते है |

       1.  मैदान का वह भाग  जो नई जलोढ़ मिट्टी का बना है | उसे खादर कहते है |

    2. इस क्षेत्र में  प्रतिवर्ष बाढ़ आती |

   3. खादर अधिक उपजाऊ मैदानी क्षेत्र हैं |  क्योंकि इसमें प्रतिवर्ष बाढ़ आती जिससे नई जलोढ़ मिट्टी का निर्माण होता हैं |

    4. इस क्षेत्र की मृदा में चूने दार निक्षेप नहीं पाए जाते |

 

प्रश्न :पूर्वी घाट तथा पश्चिमी घाट में अन्तर स्पष्ट कीजिए |

उत्तर : पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट में निम्नलिखित अन्तर है |

पूर्वी घाट

पश्चिमी घाट

1..       ये दक्कन के पठार के पूर्वी किनारे स्थित है |

2. पूर्वी घाट अनियमित है | क्योंकि बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियों ने इसे काट दिया है | ये अलग –अलग पहाडियों के रूप में दिखाई देते है |

3.      ये पश्चिमी घाट की अपेक्षा कम ऊँचे हैं |  इनकी औसत ऊँचाई 600 मीटर है |

4.       इस घाट में कोई भी महत्वपूर्ण दर्रा नहीं है |

 

5.       इस घाट की सबसे ऊँची चोटी महेंद्रगिरि है जो    1500 मीटर ऊँची है |

6.       पूर्वी तटीय मैदान अधिक समतल तथा चौड़ा है |

   1.  ये दक्कन के पठार के पश्चिमी किनारे स्थित है |

     2.  ये नियमित (सतत) है | किसी बड़ी नहीं ने इनको नहीं काटा है |

 

    3. ये पूर्वी घाट की अपेक्षा ऊँचे हैं |  इनकी औसत ऊँचाई 900 मीटर से 1600 मीटर है |

    4. इस घाट में तीन महत्वपूर्ण दर्रें है |  जो थाल घाट, भोर घाट और  पाल घाट के नाम से जाने जाते है |   

    5. इस घाट की सबसे ऊँची चोटी  अनाईमुदी है जो 2695 मीटर ऊँची है |

     6.  पश्चिमी तटीय मैदान बहुत ही असमान तथा  कम चौड़ा है |

 

प्रश्न : भारत के प्रमुख भू-आकृतिक विभाग कौन-से हैं ?  हिमालय क्षेत्र तथा प्रायद्वीपीय पठार के उच्चावच लक्षणों में क्या अन्तर है ?

उत्तर : भारत के छ: प्रमुख भू-आकृतिक विभाग है | जो निम्नलिखित है |

1.       हिमालय पर्वत श्रृंखला

2.       उत्तरी मैदान

3.       भरतीय मरुस्थल

4.       प्रायद्वीपीय पठार

5.       तटीय मैदान

6.       द्वीप समूह

हिमालय तथा प्रायद्वीपीय पठार के उच्चावच लक्षणों में निम्नलिखित अन्तर है |

1.       हिमालय अपेक्षाकृत युवा एवं वलित पर्वत है | जबकि प्रायद्वीपीय पठार प्राचीन भूखंड है | जिसका निर्माण ज्वालामुखी क्रिया द्वारा हुआ है |

2.       हिमालय पर्वत का निर्माण तलछटी चट्टनों से हुआ है | जबकि प्रायद्वीपीय पठार का निर्माण आग्नेय चट्टानों से हुआ है |

3.       हिमालय पर्वत एक चापाकार रूप से पश्चिम से पूर्व में फैला है |  जबकि प्रायद्वीपीय पठार त्रिभुजाकार रूप में फैला है |

4.       हिमालय पर्वत की औसत ऊँचाई 5100 मीटर है | जबकि प्रायद्वीपीय पठार की औसत ऊँचाई 600 से 900 मीटर है |

5.       हिमालय पर्वत का ढाल दक्षिण की ओर है | जबकि प्रायद्वीपीय पठार का ढाल पूर्व की ओर है |

6.       हिमालय पर्वत श्रृंखला में विश्व के सबसे ऊँचे शिखर पाए जाते है | जिनकी ऊँचाई 6000 से अधिक है | उदाहरण के लिए माउंट एवरेस्ट, कंचनजुंगा तथा नंदा देवी आदि | जबकि प्रायद्वीपीय पठार में कम ऊँचाई वाले शिखर पाए जाते है | जिनकी ऊँचाई 2500 मीटर तक ही है | जैसे अनाईमुदी, डोडाबेटा, महेन्द्रगिरि आदि |

प्रश्न : भारत के उत्तरी मैदान का वर्णन कीजिए |

उत्तर :भारत का उत्तरी मैदान तीन प्रमुख नदी प्रणालियों  सिंधु, गंगा तथा ब्रह्मपुत्र और इनकी सहायक नदियों के द्वारा बना है | ये नदियाँ लाखों वर्षों से हिमालय से अपने साथ अवसाद लेकर आती रही है और इस अवसाद कों हिमालय के गिरिपाद के स्थित बेसिन (द्रोणी) में जलोढ़ (अवसाद) निक्षेपित करती रही है | जिससे इस उपजाऊ मैदान का निर्माण हुआ है | ये नदियाँ आज भी अपना ये कार्य कर रही है |

इस मैदान का विस्तार 7 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर है | यह मैदान लगभग 2400 किलोमीटर लंबा तथा 240 से 300 किलोमीटर चौड़ा है | उपजाऊ मैदान होने के कारण ये कृषि के लिए अत्यधिक उत्पादक क्षेत्र है | इसलिए यह सघन जनसंख्या वाला क्षेत्र है |

क्षेत्रीय आधार पर उत्तरी मैदान के तीन भाग है | पंजाब का मैदान, गंगा का मैदान तथा ब्रह्मपुत्र का मैदान | इनका संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है |

पंजाब का मैदान

उत्तरी मैदान के पश्चिमी भाग कों पंजाब का मैदान कहते है | यह सिंधु तथा इसकी सहायक नदियों (सतलुज, रावी,व्यास, झेलम तथा चेनाब ) द्वारा निर्मित मैदान है | इस मैदान का बहुत बड़ा भाग  पाकिस्तान में स्थित है |  इस मैदान में दो आबों की संख्या बहुत अधिक है |

गंगा का मैदान

इस मैदान का विस्तार घघ्घर तथा तिस्ता नदियों के बीच है |  इस मैदान का निर्माण गंगा तथा इसकी सहायक नदियों यमुना, घघ्घर, कालीन नदी, कोसी, गंडक, सोन, चम्बल तथा बेतवा आदि नदियों के द्वारा निक्षेपित अवसाद से हुआ है | यह मैदान उत्तरी भारत के राज्यों हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखण्ड के कुछ भाग तथा पश्चिम बंगाल में फैला है |  

ब्रह्मपुत्र का मैदान

यह मैदान गंगा नदी के पूर्व में विशेषकर असम में फैला है | इस मैदान का निर्माण  ब्रह्मपुत्र तथा इसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित है |

प्रश्न : मध्य हिमालय पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए |

उत्तर : हिमालय पर्वत की वह श्रृंखला जो महान हिमालय (हिमाद्री) के दक्षिण में  फैली है मध्य हिमालय कहलाती है | इस श्रृंखला की औसत चौड़ाई 50 किलोमीटर और ऊँचाई 3700 से 4500 मीटर है | पीरपंजाल तथा धौलाधार श्रेणी इसकी प्रमुख श्रेणियाँ हैं | नेपाल में स्थित महाभारत श्रेणी भी इसी हिमालय का भाग है | डलहौजी, धर्मशाला, शिमला, मसूरी, नैनीताल तथा दार्जिलिंग मध्य हिमालय के प्रमुख पर्वतीय नगर है |  

प्रश्न : मध्य उच्च भूमि पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए |

उत्तर : नर्मदा नदी के उत्तर में स्थित प्रायद्वीपीय पठार के भाग  कों मध्य उच्च भूमि कहते है | इसका अधिकतर भाग मालवा के पठार  के नाम से जाना जाता है | यह दक्षिण में विंध्य श्रृंखला (विंध्याचल पर्वत)  तथा उत्तर पश्चिम में अरावली से घिरी हुई है | पश्चिम में यह धीरे – धीरे राजस्थान की बलुई मिट्टी में तथा पथरीले मरुस्थल में मिल जाता है |  इस पठार के पूर्वी विस्तार कों स्थानीय रूप से बुन्देलखंड तथा बघेलखंड के नाम से जाना जाता है | इसकी पूर्वी सीमा  पर छोटा नागपुर का पठार स्थित है |

मध्य उच्च भूमि पश्चिम में चौड़ी तथा पूर्व में संकीर्ण है | इस क्षेत्र में बहने वाली प्रमुख नदियाँ चम्बल, बेतवा , सिंध तथा केन  है | ये दक्षिण पश्चिम से उत्तर पूर्व की  ओर बहती है | जो इस क्षेत्र के ढाल  कों दर्शाती है |

 प्रश्न : भारत के द्वीप समूह पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए |

उत्तर :  भारत की मुख्य भूमि से अलावा दो मुख्य द्वीप समूह है | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप समूह | इनका संक्षिप्त वर्णन निम्न प्रकार से है |

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह 

बंगाल की खाड़ी में उत्तर से दक्षिण की ओर द्वीपों की एक श्रृंखला है | द्वीपों की इस श्रृंखला कों अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कहा जाता है | ये द्वीप आकार में बड़े हैं | ये संख्या में अधिक है |  ये बिखरे हुए है | ये द्वीप जल में डूबी हुई पहाड़ियों के शिखर हैं |  ये द्वीप भूमध्य रेखा के समीप स्थित होने के कारण यहाँ की जलवायु भूमध्य रेखीय हैं | ये घने वनों से ढके हुए है |  इन द्वीपों में कुछ ज्वालामुखी द्वारा निर्मित है | एक  सक्रिय ज्वालामुखी बैरेन द्वीप पर है | जिसे  बैरेन ज्वालामुखी कहा जाता है |

            अंडमान और निकोबार द्वीप समूह  मुख्यत: दो हिस्सों में बाँटे ज सकते है | उत्तर में अंडमान द्वीप समूह तथा दक्षिण में निकोबार द्वीप समूह | 100  चैनल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को अलग करता है | इन द्वीप समूह का प्रशासनिक कार्यालय (राजधानी) पोर्ट ब्लेयर है | भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु जिसे इंदरा बिंदु के नाम से जाना जाता है | निकोबार द्वीप समूह में  स्थित है |

लक्षद्वीप समूह

केरल तट के पश्चिम में अरब सागर में छोटे-छोटे अनेक द्वीप है जिन्हें लक्षद्वीप समूह के नाम से जाना जाता है | इनका निर्माण सूक्ष्म प्रवाल जीवों से मरने तथा उनके जमाव से हुआ है | इसलिए इन द्वीपों कों प्रवाल द्वीप भी कहते है |  पहले इन द्वीपों कों लकादीव, मिनिकाय  तथा एमिनदीव के नाम से जाना जाता था | सन् 1973 में इन्हें संयुक्त रूप से लक्षद्वीप का नाम दिया गया | ये द्वीप केवल 32 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में ही फैले हैं |

     इस द्वीप समूह पर बहुत से  प्रकार के पेड़ -पौधे (पादप ) और जन्तु पाए जाते है | पिटली  द्वीप ऐसा द्वीप है जिस पर किसी मनुष्य का निवास नहीं है | इस द्वीप पर एक पक्षी अभ्यारण है | जिसे पिटली  पक्षी अभ्यारण के नाम से जआना जाता है | इन द्वीप समूह का प्रशासनिक कार्यालय (राजधानी) कावारती  है |   

4 comments:

Neelam saini said...

I appreciate your critical thinking around this work

Anonymous said...

1022446506

Anonymous said...

Anonymous said...

well done keep it up